दारू पीकर मार रहे रावण... गोपाल भार्गव के बयान से मची खलबली, रावण दहन पर उठाए सवाल, जानें क्या है पूरा मामला

दारू पीकर मार रहे रावण... गोपाल भार्गव के बयान से मची खलबली, रावण दहन पर उठाए सवाल, जानें क्या है पूरा मामला
सागर: मध्यप्रदेश के पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव ने रावण दहन के मुद्दे पर एक बार फिर सवाल उठाए हैं, जिससे राजनीतिक हंगामा मच गया है। उनका मानना है कि जो लोग खुद श्लोकों को नहीं समझते, वे रावण को जलाने का अधिकार कैसे रखते हैं? उन्होंने समाज में व्याप्त विडंबना पर प्रकाश डालते हुए कहा कि एक तरफ हम देवी की पूजा करते हैं, वहीं दूसरी तरफ छोटी बच्चियों के साथ दुर्व्यवहार की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं।

भार्गव ने अपने बयान में रावण दहन की परंपरा पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिनको एक मंत्र न आता हो। न सुना और न पढ़ा हो वे रावण को मार रहे। हम क्या रावण से बेहतर हैं। इसके बाद उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जो रावण को मार रहे हैं दारू पीकर, टुन्न होकर। क्या हम उसके अधिकारी हैं।

बच्चियों के साथ हो रही हैवानियत पर उठाए सवाल


उन्होंने आगे कहा कि नवरात्रि के अवसर पर जहां एक ओर दुर्गा पूजा और कन्या पूजन हो रही है। वहीं दूसरी ओर अखबारों में छोटी छोटी बच्चियों के साथ दुष्कर्म और हत्या की खबरें भी सामने आ रही हैं। उन्होंने दुख जताते हुए कहा कि उन्हें दुनिया के किसी और देश में ऐसी खबरें देखने को नहीं मिलीं।

पुराने पोस्ट पर भी दी सफाई


भार्गव ने सोशल मीडिया पर भी अपनी बात रखी और अपने विचारों को विस्तार से समझाया। उन्होंने अपने पुराने पोस्ट पर हो रही राजनीति पर सफाई देते हुए कहा कि उनका उद्देश्य किसी की भावनाओं को आहत करना नहीं है।


गोपाल भार्गव के समर्थन में उतरे जीतू पटवारी


भार्गव के इस बयान से राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है। एमपी कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने उनके बयान का समर्थन किया है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा कि गोपाल भार्गव जी आपको साधुवाद देना चाहता हूं कि आपने दलगत राजनीति से ऊपर उठकर मध्य प्रदेश में बेटियों के साथ हो रहे अपराधों को स्वीकार किया है। यह मुद्दा भाजपा या कांग्रेस का नहीं है, बल्कि हमारे प्रदेश की बेटियों की सुरक्षा का है।
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