मध्‍य प्रदेश में रक्षाबंधन बना सियासत का पर्व, बहनों को उपहार देने में भाजपा-कांग्रेस में होड़

मध्‍य प्रदेश में रक्षाबंधन बना सियासत का पर्व, बहनों को उपहार देने में भाजपा-कांग्रेस में होड़

भोपाल। इस बार का रक्षाबंधन विधानसभा चुनाव से लगभग तीन माह पहले पड़ने की वजह से सियासी माहौल गर्म है। भाजपा और कांग्रेस दोनों पार्टियां वोट के लिए बहनों को रिझाने में कोई कसर नहीं छोड़ रही हैं। सवा करोड़ से अधिक लाड़ली बहनों को रक्षाबंधन के उपहार में मुख्यमंत्री ने 'लाड़ली बहना' योजना की राशि एक हजार से बढ़ाकर 1250 रुपये प्रतिमाह करने की घोषणा रविवार को भोपाल में कर दी है।

वहीं, श्रावण मास में घरेलू गैस सिलेंडर भी 450 रुपये में देने की घोषणा कर कांग्रेस को एक कदम पीछे छोड़ दिया है। उधर, कांग्रेस ने सरकार बनने पर 11 तरह की गारंटी की बात की है। इसमें 500 रुपये में सिलेंडर देने की घोषणा भी शामिल है। कांग्रेस की गारंटी में भाजपा की लाड़ली बहना योजना की तर्ज पर 'नारी सम्मान' योजना शुरू कर 18 वर्ष से ऊपर की महिलाओं को 1500 रुपये प्रतिमाह देने की घोषणा भी है। रक्षाबंधन के बाद बहनों को लेकर सियासत और तेज होने की उम्मीद है।

महिला मतदाताओं की संख्या दो करोड़ 62 लाख

सियासत की बड़ी वजह महिला वोट बैंक है। ताजा आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में महिला मतदाताओं की संख्या दो करोड़ 62 लाख है। इनमें एक करोड़ 25 लाख को लाड़ली बहना योजना का लाभ मिलने लगा है। यानी कुल महिला मतदाताओं में 47 प्रतिशत इस योजना के दायरे में हैं।

लाड़ली बहना के परिवार के वोट की आस

भाजपा यह मानकर चल रही है कि लाड़ली बहना के परिवार के सभी लोगों का मत उसे मिलेगा। ऐसे में उनका इस चुनाव में 51 प्रतिशत मत पाने का लक्ष्य प्राप्त हो सकेगा। प्रदेश में कुल मतदाता पांच करोड़ 44 लाख हैं। इस हिसाब से 23 प्रतिशत मतदाता लाड़ली बहना हैं।

भाजपा को कांग्रेस से अधिक मत प्रतिशत मिलने के बाद भी सीटें कम मिली

पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा को कांग्रेस से अधिक मत प्रतिशत मिलने के बाद भी सीटें कम मिली थीं। भाजपा को 41.02 प्रतिशत और कांग्रेस को 40.89 प्रतिशत वोट मिले थे। भाजपा अपना मत 51 प्रतिशत करना चाहती है, जिससे वह पूरे बहुमत से सरकार बना सके। इसके लिए 'लाड़ली बहना' योजना को भाजपा सरकार मास्टर स्ट्रोक मानकर चल रही है।

महिला वोट बैंक को साधने के लिए कांग्रेस का भी मास्टर स्ट्रोक

उधर, कांग्रेस भी महिला वोट बैंक को साधने के लिए भी मास्टर स्ट्रोक खेल चुकी है। उसने सरकार बनने पर 'नारी सम्मान' योजना लागू करने का वादा कर प्रति माह 1500 रुपये देने की घोषणा की है। भाजपा से भी एक कदम आगे 18 वर्ष की आयु से ऊपर की सभी महिलाओं को इसमें शामिल करने का प्रस्ताव है। इससे चिंतित भाजपा सरकार ने एक और मास्टर स्ट्रोक खेला। उसने एक हजार रुपये की राशि को क्रमश: बढ़ाकर तीन हजार रुपये तक ले जाने की घोषणा कर दी है।

अनेक घोषणाएं

इसी कड़ी में रविवार को भोपाल में आयोजित कार्यक्रम में इसे 1250 रुपये कर दिया गया। साथ ही सौ यूनिट का बिल सौ रुपये करने और पुलिस भर्ती में महिला आरक्षण 30 से बढ़ाकर 35 प्रतिशत करने की घोषणा कर रक्षाबंधन का उपहार दिया है। अब कांग्रेस भी इसका काट निकालने की तैयारी कर रही है।

कांग्रेस भी कर सकती है बड़ी घोषणा

रक्षाबंधन के पहले पार्टी महिलाओं के हित में कोई बड़ी घोषणा कर सकती है। कांग्रेस ने 2023 के चुनाव में बाजी पलटने के लिए 11 तरह के वचन (गारंटी) दिए हैं। इसमें नारी सम्मान योजना और पांच सौ रुपये में गैस सिलेंडर देने के वचन को सबसे ऊपर रखा है। यह महिलाओं को अपने पक्ष में करने के लिए है।

कांग्रेस ने भी भरवाए नारी सम्‍मान योजना के फार्म

कांग्रेस ने नारी सम्मान योजना के फार्म भी भरवाए हैं। इस प्रकार दोनों पार्टियां इस बार हर वर्ग की महिलाओं को अपने पक्ष में करने के लिए घोषणाओं-वादों में एक-दूसरे को पछाड़ने में लगी हैं। चुनाव के अभी लगभग तीन माह बचे हैं। महिलाओं के पक्ष में भाजपा और कांग्रेस कुछ और वादे कर सकती हैं। भाजपा सरकार इन्हें चुनाव के पहले शुरू करने में भी कोई कसर नहीं छोड़ेगी। दोनों पार्टियां अपने चुनावी घोषणा पत्र में भी इसके अलावा कुछ नया ला सकती हैं।

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