रायपुर, 04 सितम्बर 2025/एनआईटी रायपुर फाउंडेशन फॉर इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप (एफआईआई) को चौथे भारत एंटरप्राइजिता शिखर सम्मेलन में राष्ट्रीय इन्क्यूबेटर पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह समारोह 13 सितंबर को नई दिल्ली के संसद मार्ग स्थित एनडीएमसी कन्वेंशन सेंटर में होगा। भारत के पुरातात्विक इकोसिस्टम में एनआईटी रायपुर-फाई के उत्कृष्ट योगदान के लिए यह सम्मान दिया जा रहा है। संस्था को यह सम्मान राज्य में 35 से अधिक नए स्टार्टअप्स को निर्देशित किया गया और उन्हें उत्कृष्ट तकनीकी सहायता प्रदान की जाएगी। भारत उद्यमिता शिखर सम्मलेन का आयोजन भारतीय उद्यमिता संघ (ई संग्रहालय) और इंटरनैशनल जोन-ईजेड द्वारा किया जा रहा है, जो भारत सरकार द्वारा वित्तपोषित और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त इनक्यूबेशन केंद्र है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि पर संस्थान को बधाई देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में कॉन्स्टेंटॉल्ट्स को बढ़ावा मिल रहा है। यह पुरस्कार छत्तीसगढ़ में तेजी से बदल रहे औद्योगिक उद्यमों को नामांकन प्रदान किया गया। एनआईटी रायपुर फाउंडेशन फॉर इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप को प्रतिष्ठित राष्ट्रीय इन्क्यूबेटर पुरस्कार छत्तीसगढ़ को मिलना गर्व की बात है। एनआईटी रायपुर-फाई के तकनीकी आधार पर हमारे राज्य के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले उत्पाद, और छत्तीसगढ़ को नवाचार के केंद्र के रूप में स्थापित करने के प्रस्ताव को बढ़ावा दिया गया। मुख्यमंत्री ने पूरी टीम को बधाई देते हुए आशा व्यक्त की कि यह संस्था युवाओं को मजबूत और आत्मनिर्भर बनाएगी और तकनीकी प्रगति को आगे बढ़ाएगी और निरंतर सफलता हासिल करेगी।
एनआईटी राजपूत के निदेशक डॉ. एन. वी. रमना राव ने कहा कि नेशनल इनक्यूबेटर अवॉर्ड इनोवेशन और एंटरप्राइजिता को बढ़ावा देने के लिए संस्था के रिकॉर्ड का प्रमाण है। उन्होंने बताया कि फ़िफ़ाई कॉन्स्टेंसी एक मजबूत इकोसिस्टम बनाने की तकनीक में है, जो तकनीकी विशेषज्ञों की मदद से उन्हें सफल उद्यमों में बदलने में मदद करती है। यह उपलब्धि उन्हें नई पीढ़ी के उद्यमों और संग्रहालयों को देने की प्रेरणा देती है।
दावा है कि एनआईटी रायपुर-फाई एक गैर-कार्यकारी संस्था के रूप में मार्च 2021 में स्थापित हुई। जो एनआईटी राजपूत के प्रौद्योगिकी प्रौद्योगिकी विभाग और प्रौद्योगिकी प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) के राष्ट्रीय नवप्रवर्तन विकास और दोहन पहल (निधि) योजना के अंतर्गत कार्य करता है। संस्था ने अब तक छत्तीसगढ़ में 35 से अधिक चित्रों को बढ़ावा दिया है। इनमें से कुछ कलाकृतियाँ, साहसिकताएँ और चिकित्सा उपकरण निर्माण के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं। जबकि कुछ एनालिटिक्स, डीपी-टेक, क्लीन टेक और सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) सहित अलग-अलग क्षेत्र जुड़े हुए हैं।
एनआईटी रामपुर फाई के संचालन निदेशक डॉ. एन. वी. रमाना राव और इंजीनियरिंग सेंटर प्रमुख डॉ. समीर बाजपेयी के नेतृत्व में हो रहा है। कार्यकारी टीम में डॉ. अनुज कुमार शुक्ला (फैकल्टी प्रभारी), श्री पवन कटारिया (अधिकारी प्रभारी) और सीईओ श्रीमती मेधा सिंह जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। फाईफाई ने टेक्निकल प्रोजेक्ट्स को व्यापक सहायता डेक के रूप में देश के लिए इकोसिस्टम में एक मजबूत स्तंभ के रूप में स्थापित किया है। परीक्षण करना शुरू, कंपनी बनाना, तकनीकी मार्गदर्शन सहित परीक्षण से जुड़े सभी तरह के समर्थन शामिल हैं। छत्तीसगढ़ का कोई भी युवा यदि अपना फिल्मांकन कराना चाहता है तो वह एनआईटी रायपुर फाई से संपर्क कर सकता है।











