प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार को पूर्व मंत्री और उत्तराखंड कांग्रेस के नेता हरक सिंह रावत के देहरादून स्थित घर पर छापा मारा। जांच एजेंसी ने रावत के करीबियों के दिल्ली और चंडीगढ़ के 12 ठिकानों पर भी एक साथ छापेमारी की है।
सूत्रों के मुताबिक, फॉरेस्ट लैंड स्कैम मामले में ED ने ये कार्रवाई की है। न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, रावत के मंत्री रहते कॉर्बेट पार्क के पाखरों रेंज में टाइगर सफारी प्रोजेक्ट के लिए 169 पेड़ों की जगह 6 हजार पेड़ों की अवैध रूप से कटाई की गई थी। इसके अलावा पाखरो रेंज में अवैध निर्माण भी हुआ था।
इस मामले में रावत और तब के कुछ अधिकारियों और उनके करीबियों पर मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप लगे हैं। ED आज इसी मामले को लेकर छापेमारी कर रही है। इससे पहले अगस्त, 2023 में विजिलेंस डिपार्टमेंट ने भी रावत के खिलाफ कार्रवाई की थी।
रावत 2019-20 में भाजपा सरकार में वन मंत्री थे। अनुशासनहीनता के आरोप में भाजपा ने उन्हें पार्टी से निष्कासित करते हुए कैबिनेट मंत्री पद से बर्खास्त कर दिया था। इसके बाद 2022 में वह कांग्रेस में शामिल हो गए थे। रावत के साथ उनकी बहू अनुकृति गुसाई ने भी कांग्रेस का दामन थाम लिया था।
30 अगस्त 2023 में विजिलेंस ने भी की थी छापेमारी
30 अगस्त 2023 को कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में अवैध निर्माण को लेकर देहरादून में हरक सिंह रावत के कई ठिकानों पर विजिलेंस ने छापेमारी की थी। इसमें उनके बेटे के भी कई संस्थान शामिल थे। इसे लेकर भाजपा के विधायक दिलीप रावत ने इन मामलों की CBI जांच की मांग की थी।
इसके अलावा रावत के ठिकानों पर पहले भी छापेमारी की जा चुकी है। विजलेंस टीम ने उनके देहरादून के शंकरपुर स्थित एक कॉलेज और छिद्दरवाला में एक पेट्रोल पंप पर छापा मारा था। विजलेंस टीम ने पाया था कि इन दोनों जगह पर दो जनरेटर लगाए गए थे, जिसे सरकारी पैसों से खरीदा गया था।
हरक सिंह रावत का राजनीतिक सफर
- हरक सिंह रावत 1991 में पहली बार मंत्री थे। उत्तराखंड के बनने से पहले वे उत्तर प्रदेश सरकार में सबसे कम उम्र के मंत्री बने।
- उत्तराखंड में 2002 में भाजपा की एनडी तिवारी सरकार में उन्हें मंत्री पद का दर्जा मिला था।
- 2007 में हरक सिंह रावत नेता प्रतिपक्ष बने।
- 2012 में हरीश रावत सरकार के दौरान हरक सिंह रावत को कृषि, चिकित्सा शिक्षा ,सैनिक कल्याण विभाग का मंत्री बनाया गया
- 2017 में भाजपा सरकार में हरक सिंह रावत को कैबिनेट मंत्री बनाया गया।
- 2022 में उन्होंने भाजपा छोड़कर कांग्रेस जॉइन की
कल केजरीवाल के पर्सनल सेक्रेटरी के घर ED ने मारा था छापा
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के पर्सनल सेक्रेटरी बिभव कुमार और AAP के कोषाध्यक्ष और सांसद एनडी गुप्ता के घर पर मंगलवार (6 फरवरी) को ED की रेड हुई थी। दिल्ली में AAP नेताओं और उनसे जुड़े लोगों के करीब 10 ठिकानों पर जांच एजेंसी ने तलाशी ली। ED की यह कार्रवाई दिल्ली जल बोर्ड से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में हुई थी।
ED का केजरीवाल को पांचवां समन, लेकिन पेश नहीं हुए
अरविंद केजरीवाल शराब नीति मामले में शुक्रवार (2 फरवरी) को प्रवर्तन निदेशालय (ED) के सामने पांचवें समन पर भी पेश नहीं हुए थे। शराब घोटाला मामले में ED केजरीवाल को 17 जनवरी, 3 जनवरी, 21 दिसंबर और 2 नवंबर को 4 समन भेज चुकी है। केजरीवाल अब तक एक बार भी पेश नहीं हुए। इसी केस में मनीष सिसोदिया और AAP सांसद संजय सिंह जेल में हैं।











