सिक्सलेन के लिए खोदे गड्ढों के आसपास बैरिकेडिंग कर लगाए जाएंगे रेडियम, रुकेंगे हादसे

सिक्सलेन के लिए खोदे गड्ढों के आसपास बैरिकेडिंग कर लगाए जाएंगे रेडियम, रुकेंगे हादसे
भोपाल। उपनगर कोलार में 222 करोड़ रुपये की लागत से बन रही 15 किलोमीटर सिक्सलेन के लिए खोदे गए गड्ढों के आसपास बैरिकेडिंग की जाएगी। इन पर रेडियम की पट्टियां लगाई जाएंगी, ताकि रात के समय गड्ढों में गिरने से हादसे न हों। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) और निर्माणाधीन एजेंसी के जिम्मेदारों को विधायक रामेश्वर शर्मा ने इस आशय के निर्देश दिए हैं। साथ ही सिक्सलेन के काम की रफ्तार बढ़ाने और सड़क के बीच में आ रहीं सभी 28 पुल-पुलियों का काम जल्द काम करने के लिए भी कहा है। इससे समय रहते कोलार व आसपास की पांच लाख की आबादी को जल्द ही सिक्सलेन की सुविधा मिल सकेगी।

दरअसल गुरुवार को मप्र मानव अधिकार आयोग ने सिक्सलेन निर्माण के चलते चार युवकों की मौत पर संज्ञान लिया था। आयोग ने प्रशासन से 15 दिन के भीतर हादसों के मामले पर जवाब मांगा है। शुक्रवार को विधायक शर्मा ने कोलार विश्राम गृह से लेकर गोल जोड़ तक निरीक्षण किया। पूरी 15 किलोमीटर तक एक-एक कार्य को पीडब्ल्यूडी व निर्माणाधीन एजेंसी के जिम्मेदार अधिकारियों के साथ चल रहे कार्यों की गुणवत्ता भी देखी। गोड़ जोड़ से कजलीखेड़ा तक सिक्सलेन के पूरे हुए काम को देखकर कहा कि बिजली के पोल भी जल्द लगाए जाएं, जिससे स्ट्रीट लाइट लग सके। निर्माण एजेंसी द्वारा सेफ्टी इंजीनियर भी नियुक्त किया गया है, जो रोड सेफ्टी का आंकलन कर जरूरी प्रबंधन करेंगे जिससे दुर्घटनाओं पर अंकुश लग सके।

विधायक शर्मा ने फुटपाथ पर भुट्टे बेचने वाली एक महिला से पूछा कि सिक्सलेन बनने से आपको क्या सुविधा होगी? महिला ने कहा कि कोलार क्षेत्र आगे बढ़ेगा। विधायक ने एक भुट्टा स्वयं सेंककर खाया।

एजेंसी को ये काम करने हैं

-गोल जोड़ से कजलीखेड़ा तक कुल दो किलोमीटर तक पूर्ण हो चुके सिक्सलेन के दोनों ओर स्ट्रीट लाइट लगाने का कार्य।
-डिवाइडर के बीच मिट्टी की फिलिंग कर वर्षा में पौधे लगाना शुरू किया जाए।

-कजलीखेड़ा से बैरागढ़ चीचली तक दूसरी ओर भी कार्य करना।

-गोल जोड़ से कोलार थाने तक तीन लेन पूर्ण हो चुकी हैं। इसे पर ट्रैफिक शुरू करना।

-बीमा कुंज से सर्वधर्म पुल-चूनाभट्टी तक बाधा बन रहे सभी बिजली के पोलों को शिफ्ट करना।

-सभी लेफ्ट टर्न क्लियर करने का काम सड़क के साथ करना है।
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