*मुख्यमंत्री नवनिर्वाचित जिला अध्यक्ष पंचायत उपाध्यक्षों के 03 दिव्य प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ*
रायपुर, जुलाई 2025/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय राजधानी रायपुर के निमोरा में स्थित ठाकुर चौधरी लाल राज्य पंचायत एवं ग्रामीण विकास संस्थान में नवनिर्वाचित जिला पंचायत अध्यक्षों एवं उपाध्यक्षों के लिए आयोजित तीन दिवसीय महोत्सव/प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल हुए।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए उन्होंने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण विकास को बढ़ावा देना है। नवनिर्वाचित जिला पंचायत अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष के रूप में आप सभी के पास बहुत बड़ा अवसर एवं बड़ी जिम्मेदारी है। अगर दृढ़ इच्छा शक्ति हो तो एक व्यक्ति भी पूरे जिले की तस्वीरें बदल सकता है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि लोक कल्याण की भावना से जनता की सेवा करने से जनता स्वयं की उन्नति होती है। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन के अनुभव साझा करते हुए कहा कि मैंने भी अपनी राजनीतिक यात्रा की शुरुआत पंच के रूप में की थी। मैंने कभी नहीं सोचा था कि राजनीति में आऊंगा। 10 वर्ष की आयु में स्मारक के स्वर्गवास के बाद मेरे स्मारक पर पूरे परिवार की जिम्मेदारी सौंपी गई। मेरा पूरा जीवन संघर्ष में बी. मैं सरपंच भी बनूंगा, इसकी मैंने कभी कल्पना नहीं की थी, लेकिन जनता का आशीर्वाद मिला, विधायक, समाजवादी और मुख्यमंत्री के रूप में सेवा का अवसर प्राप्त हुआ।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कुछ करों के सुझाव से अधिक महत्वपूर्ण इच्छाशक्ति होती है। अंतिम कार्य करने की सोच से अकेला व्यक्ति भी बहुत बड़ी उपलब्धि हासिल कर सकता है। उन्होंने कहा कि मुझे जिन प्रेरणा से लोगों के जनसेवा के कार्यों को करीब से देखने का अवसर मिला, उन्हें ओडिशा के डॉ. अच्युत सावंत और नानाजी देशमुख का उल्लेख करना। अभावों में पले-बढ़े डॉ. अच्युत प्रतिपक्ष ने इंटरनेट पर जनता की सेवा का संकल्प लिया और भुवन में एक बड़ा शिक्षण संस्थान स्थापित किया। इस संस्थान में वे लगभग 25 हजार जनजातीय बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा प्रदान कर रहे हैं। इसी तरह, चित्रलिपि में नानाजी देशमुख ने 500 वीं सदी में अयोध्या को गोद लेकर अपने सर्वांगीण विकास का कार्य किया। वर्ष 2006-07 में जब मैं वहां गया तो मुझे पता चला कि अब तक 80 वर्ष तक वे प्रदेश में आत्मनिर्भर बन चुके हैं। इसमें हर परिवार को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने का काम किया गया। ये उदाहरण हमें बताते हैं कि एक व्यक्ति भी कितना बड़ा बदलाव ला सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ हर दृष्टि से एक समृद्ध राज्य है। यहां 44 प्रतिशत भूभाग पर वन हैं। यहां की मिट्टी उर्वरा है और किसान मेहनतकश हैं। छत्तीसगढ़ के विकास में बौद्धवाद एक बड़ा बाधक था, जिसे हम समाप्त कर रहे हैं। जो उपाधियाँ समर्पण कर रहे हैं, उनके लिए हमने एक उत्कृष्ट पंक्तियाँ बनाई हैं। जल्द ही राज्य में बंधकमुक्त रहेंगे और जंगल में सड़क, बिजली, पानी सहित सभी सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि इस क्षेत्र के लिए राशन के लिए 25 किलोमीटर की पैदल यात्रा की गई थी, जिसमें तीन दिन की यात्रा हुई थी। कल्पना की जा सकती है कि यह अप्राकृतिक विकास लगभग पचास वर्ष पहले हुआ था। हमने मुलेर को अलग पंचायत बनाने का निर्णय लिया और वहां राशन की दुकान बेची। जब मैं वहां गया तो लोगों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
मुख्यमंत्री ने नवनिर्वाचित जिला पंचायत अध्यक्षों एवं उपाध्यक्षों से कहा कि हम छत्तीसगढ़ का विकास नहीं कर सकते। प्रशिक्षण के इस समय का पूरा लाभ लक्ष्य। यह हमेशा ध्यान दिया जाता है कि विकास कार्य की गुणवत्ता से कोई समझौता न हो। नियमित रूप से अपने क्षेत्र का भ्रमण करें। यात्रा और निरीक्षण सेवाएँ और विकास गतिविधियाँ चलती रहती हैं।
कार्यक्रम का अनावरण करते हुए जिला श्री विजय शर्मा ने कहा कि पंचायत के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के रूप में बेहतर कार्य करने के लिए स्वयं को पूरी तरह से तैयार करें। वर्जिन राज से जुड़े कानूनी पेशेवरों की गहन जानकारी। गाँव के विकास के लिए केवल निर्माण कार्य ही नहीं, बल्कि अन्य आम आदमी पर भी सतत विचार करें। दुग्ध उत्पादन जैसे कार्य से गांव की आर्थिक उत्पादकता सुनिश्चित होती है। गाँव में आर्थिक समृद्धि आने से युवाओं की नई दिशाएँ होती हैं और वे व्यसनों से दूर रहते हैं। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान आप ग्राम पंचायत के कार्य प्रारूप पर भी ध्यान दें। आप जनता के हित में बेहतर कार्य कर सकें, इसके लिए आप सभी को एकजुट करने के लिए अज्ञात राज संस्था से जुड़े। सामुदायिक राज प्रशिक्षण से जुड़े सभी स्तरों के एक लाख सत्र में हजारों लोगों को यहां प्रशिक्षित किया जाएगा। आज आप सभी से इसकी शुरुआत हो रही है।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने पेसा: पंचायत उपबंध और छत्तीसगढ़ पंचायत उपबंध पत्र, पंचमन पत्रिका और जिला पंचायत अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं खंड स्तरीय पाठ्य सामग्री का विमोचन। मुख्यमंत्री ने ठाकुर प्यारेलाल राज्य पंचायत एवं ग्रामीण विकास संस्थान के संकाय में मौलश्री औषधालय का परामर्श भी दिया।
इस अवसर पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका हीराकांत सिंह, सचिव श्री भीम सिंह, सचिव सचिव ऋषि महोबिया और ठाकुर चौधरीलाल राज्य पंचायत एवं ग्रामीण विकास संस्थान के अध्यक्ष श्री पी. सी. मिश्रा उपस्थित थे।











