उपार्जन केंद्रों पर पसरी रहती है समस्याएं किसान होते हैं परेशान

उपार्जन केंद्रों पर पसरी रहती है समस्याएं किसान होते हैं परेशान
भोपाल । जिले में किसानों को उपार्जन केंद्रों पर फसलबेचने के लिए कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। पिछले दिनों हुई गेहूं खरीदी के दौरान उपार्जन केंद्रों पर तुलाई के समय किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ा था।किसानों से ज्यादा मात्रा में गेहूं लिया गया है।हमने केंद्रों पर जाकर स्थिति देखी और किसानों की समस्याएं सुनी थी।इस वजह से केंद्रों पर धर्मकांटा लगवाया जाए।यह मुद्दा जिला पंचायत सदस्यों ने बुधवार को उपायुक्त सहकारिता कार्यालय में आयोजित सहकारिता एवं उद्योग समिति की बैठक में उठाया। सभापति विजिया राजोरिया की अध्यक्षता में समिति के सचिव छविकांत वाघमारे ने एजेंडा रखा। इस दौरान जिला पंचायत सदस्य और भोपाल कोआपरेटिव बैंक के अधिकारी उपस्थति थे।


किसानों की कोई सुनने वाला नहीं, एक साल में दूसरी बैठक
सदस्य विजिया राजोरिया ने कहा कि किसानों की समस्याएं अधिक हैं, लेकिन सुनने और समाधान करने वाला कोई नहीं है। एक साल में दूसरी बार बैठक है। बैठक को नियमानुसार रखा जाए, ताकि किसानों की समस्याओं से सभी अवगत हो सकें। हाल ही में हुई समर्थन मूल्य खरीदी के दौरान केंद्रों पर गेहूं तुलाई से किसान असंतुष्ट हैं। केंद्रों पर उनके बैठने और पेयजल तक की व्यवस्था नहीं थी। धर्मकांटा लग जाए तो फसल से भरी ट्राली को तौला जा सके। इस पर उपायुक्त ने कहा कि आगामी समय में यह व्यवस्था की जाएगी।
जरूरतमंद किसानों को मिले खाद-बीज

बैठक में सदस्य गंगा मालवीय ने कहा कि किसानों के लिए ऐसी व्यवस्था की जाए कि फसल ऋण वितरण, क्रेडिट कार्ड एवं खरीफ फसल 2023 के लिए खाद बीज का वितरण सही समय पर और जरूरतमंदों को किया जाए। वहीं उपाध्यक्ष मोहन सिंह जाट ने कहा कि बैंक की शाखा रातीबड़ में खोली जाए और एटीएम भी स्थापित कराया जाए, जिससे किसान सुविधानुसार अपनी फसल का भुगतान ले सकें। बैंक अधिकारी राकेश कुमार पांडे ने जल्द ही समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया है।

इन बिंदुओं पर हुई चर्चा

- पिछली बैठक के कार्य विवरण के पालन प्रतिवेदन पर।

- वर्ष 2022 -23 में गेहूं उपार्जन पर।

- सार्वजनिक वितरण प्रणाली पर।

- जिला उद्योग विभाग में संचालित योजनाओं की जानकारी पर।

- जिला खादी ग्राम उद्योग में संचालित योजनाओं पर।

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