पृथ्वीराज ने अपनी और प्रभास के बीच केमेस्ट्री पर भी बात की। पृथ्वीराज ने कहा कि प्रभास जल्दी किसी के साथ घुलते-मिलते नहीं हैं, लेकिन उनके साथ पांच मिनट में गहरी दोस्ती हो गई थी। पृथ्वीराज ने एक्टर बनने के बारे में नहीं सोचा था। वो ऑस्ट्रेलिया में पढ़ाई करते थे। छुट्टियां मनाने घर आए तो एक फिल्म ऑफर हुई। फिल्म इतनी बड़ी हिट हुई कि उन्होंने दोबारा ऑस्ट्रेलिया जाने का ख्याल छोड़ दिया।
अलग-अलग इंडस्ट्री से लोगों के कॉल्स आ रहे हैं
पृथ्वीराज सुकुमारन ने कहा- अब तक मैंने जितनी फिल्मों में काम किया है, उसमें सलार सबसे बड़ी है। इस फिल्म को लेकर जो माहौल बना है, वो अद्भुत है। मेरे पास कई कॉल्स आ रहे हैं। अलग-अलग इंडस्ट्री से लोग मेरे पास मैसेजेस भेज रहे हैं।
पांचों भाषाओं में फिल्म को अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। प्रशांत नील ने कमाल की राइटिंग की है। उन्होंने हम दोनों (प्रभास और पृथ्वीराज) का रोल ऐसा लिखा है, जिससे सबको एक समान स्क्रीन टाइम मिले।
प्रभास किसी के साथ घुलते नहीं, मेरे साथ पांच मिनट में दोस्ती हो गई
प्रभास के बारे में बात करते हुए पृथ्वीराज सुकुमारन ने कहा- प्रभास एक ऐसे इंसान हैं जो जल्दी किसी के साथ घुलते नहीं हैं। मेरी पहली मुलाकात उनसे सलार के सेट पर ही हुई थी। पांच मिनट के अंदर हमारे बीच अच्छी दोस्ती हो गई। ऐसा लगा कि हम लोग एक दूसरे को कितने दिनों से जानते हैं। हमारे बीच जो केमेस्ट्री बनी वो पर्दे पर भी बखूबी दिखाई दी। प्रभास देश के सबसे बड़े स्टार्स में से एक हैं। इसके बावजूद उन्होंने अपने आस-पास मौजूद सभी को लोगों को कंफर्टेबल फील कराया।
प्रशांत नील के साथ कौन काम नहीं करना चाहेगा
प्रशांत नील और सलार के साथ कैसे जुड़े? जवाब में पृथ्वीराज सुकुमार ने कहा- मैंने एक फिल्म बनाई थी, लुसिफर। इस फिल्म को देखने के बाद होम्बले फिल्म्स के ओनर ने मुझसे बात की। उन्होंने मुझसे प्रशांत नील के एक प्रोजेक्ट से जुड़ने को कहा। फिर मुझे फिल्म की कहानी सुनाई गई। मैं नरेशन सुनकर काफी प्रभावित हुआ। ऊपर से यह प्रशांत नील की फिल्म थी, उनकी फिल्म कौन नहीं करना चाहेगा।
इन सब के अलावा होम्बले फिल्म्स के साथ पहले से मेरे काफी अच्छे संबंध थे। केरल में KGF-2 का डिस्ट्रीब्यूटशन मेरी कंपनी ने ही किया था। यही सब सोचकर मैंने फिल्म के लिए हां बोल दिया।
पढ़ाई-लिखाई में लगता था पृथ्वीराज का मन, संयोग से बन गए एक्टर
पृथ्वीराज सुकुमारन एक्टर नहीं बनना चाहते हैं। उनका मन पढ़ाई-लिखाई में ज्यादा लगता था। वो एक्टर संयोग से बने हैं। इसके पीछे भी एक दिलचस्प कहानी है। पृथ्वीराज ने कहा- मैं ऑस्ट्रेलिया की एक यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन कर रहा था। छुट्टी हुई तो घर आया था। मेरे घर में मुझे छोड़ बाकी सभी एक्टिंग फील्ड से थे। मैं जब छुट्टियों में घर आया तो एक फिल्म करने को बोला गया।
डायरेक्टर ने कहा कि जब तक तुम्हारी छुट्टियां हैं, इस फिल्म में काम कर लो फिर वापस लौट जाना। इस तरह मैंने अपनी पहली फिल्म में काम किया। संयोग से यह फिल्म बहुत बड़ी हिट हो गई। इसके बाद मैंने पीछे की लाइफ पीछे ही छोड़ दी और फुल टाइम एक्टर बन गया।
परिवार में हर कोई एक्टर, लेकिन घर पर फिल्मी बातें नहीं होती थीं
पृथ्वीराज सुकुमारन एक फिल्मी परिवार से आते हैं, फिर भी इनके घर का माहौल कभी फिल्मी नहीं रहा। वजह बताते हुए पृथ्वीराज कहते हैं- मेरे पिताजी एक्टर होने से पहले अंग्रेजी के टीचर भी थे। उन्हें लॉ की भी जानकारी थी। हमारे घर का माहौल बहुत पढ़ाई-लिखाई वाला था। हम लोग फिल्मों के बारे में बहुत कम बात करते थे। मैं और मेरा भाई सेट पर भी नहीं जाते थे। पिताजी हम लोगों को कभी उधर ले नहीं जाते थे।
बड़े मियां-छोटे मियां में अक्षय कुमार के साथ काम करेंगे पृथ्वीराज
पृथ्वीराज सुकुमारन ने हिंदी फिल्म अइय्या में भी काम किया था। फिल्म में वो रानी मुखर्जी के अपोजिट नजर आए थे। वो अक्षय कुमार की एक्शन थ्रिलर फिल्म बड़े मियां-छोटे मियां में भी नजर वाले हैं। इस फिल्म में पृथ्वीराज का रोल क्या होने वाला है?
उन्होंने बताया- फिल्म में मैं एक ऐसा रोल निभा रहा हूं जो कोई भी एक्टर आंख बंद करके करना चाहेगा। एक बार फिल्म रिलीज होने दीजिए, आपको लगेगा कि अली अब्बास जफर (फिल्म के डायरेक्टर) ने क्या फिल्म बनाई है।











