भोपाल: मध्य प्रदेश में नवंबर में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए जहां बड़ी पार्टियां पूरी ताकत से जुटी हैं, वहीं, प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में एक जैसी विचारधारा वाले छोटे-छोटे दल गठबंधन बनाकर मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे हैं। वे प्रदेश में अपने लिए मजबूत स्थिति वाली लगभग 100 सीटों पर चुनाव लड़ सकते हैं। इनके बीच बैठकों को दौर भी शुरू हो गया है।
पिछले सप्ताह भारत राष्ट्र समिति के प्रमुख के. चंद्रशेखर राव और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद के बीच गठबंधन को लेकर बैठक हो चुकी है। राव की पार्टी का तेलंगाना और कर्नाटक में अच्छा प्रभाव है।
जयस, भीम आर्मी, ओबीसी महासभा, गोंडवाना गणतंत्र पार्टी, किसान संगठन एकजुट होने की तैयारी कर रहे हैं। जयस (जय युवा आदिवासी संगठन) का आदिवासी बहुल सीटों में अच्छा प्रभाव है। ओबीसी के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण की मांग, आदिवासियों पर हो रहे अत्याचार, भ्रष्टाचार आदि मुद्दों पर ये पार्टियां एक हो रही हैं। भारत राष्ट्र समिति के प्रदेश समन्वयक बुद्धसेन पटेल ने कहा कि कई पार्टियों से बातचीत चल रही है।
कुछ ने सहमति भी दे दी है। उधर, इसी पार्टी के एक अन्य पदाधिकारी डा. आनंद राय ने कहा कि गठबंधन के लिए जल्द ही सभी दलों के प्रमुखों की बैठक होगी। इसमें लगभग 18 दल शामिल होंगे। गठबंधन बनने के बाद प्रदेश में इन पार्टियों की अलग-अलग स्थानों पर सभाएं भी होंगी।
इनके अलावा मैहर से भाजपा विधायक नारायण त्रिपाठी ने विंध्य जनता पार्टी बनाई है। अलग विंध्य की मांग करने वाली अन्य पार्टियां व संगठन एक होकर विंध्य क्षेत्र की सीटों पर प्रत्याशी उतारेंगी। वहीं महाकोशल में पूर्व सांसद कंकर मुंजारे, पूर्व विधायक किशोर समरीते, गोंडवाना पार्टी से विधायक रहे दरबू सिंह उईके ने मिलकर एक गठबंधन बनाया है।
संयुक्त क्रांति दल के नेता किशोर समरीते ने कहा कि हम मध्य प्रदेश खनिज विकास निगम के अध्यक्ष प्रदीप जायसवाल से भी बातचीत कर रहे हैं कि वे हमारे गठबंधन में शामिल हों। इन नेताओं ने मिलकर एक जनसंसद का कार्यक्रम भी किया है।











