गांव के युवाओं को गांव में रोजगार देने की तैयारी:प्लंबर, पेंटिंग व फर्नीचर के काम से जुड़े युवाओं को प्रोफेशनल बनाएगी सरकार

गांव के युवाओं को गांव में रोजगार देने की तैयारी:प्लंबर, पेंटिंग व फर्नीचर के काम से जुड़े युवाओं को प्रोफेशनल बनाएगी सरकार

मप्र सरकार गांव के युवाओं को गांव में ही रोजगार देने की तैयारी कर रही है। गांव में जो लोग अपने परंपरागत कामों से जुड़े हैं, लेकिन अब बंद कर दिया, उन्हें वापस से उन्हीं कामों से जोड़ने की तैयारी है। इनमें कुम्हार, बढ़ई के साथ नए काम जैसे प्लंबिग, पेंटिंग समेत दूसरे काम से जुड़े करीब 50 हजार युवाओं को चिन्हित किया जाएगा। यह काम काम पीएचई, रोजगार निर्माण विभाग और पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग मिलकर करेंगे। योजना का मूल मकसद है कि गांव से शहर की तरफ होने वाले पलायन को रोककर वहीं उन्हें रोजगार ​दिया जाए।

दरअसल राज्य सरकार के पास एक रिपोर्ट आई कि शहर में अचानक बढ़ रहे अतिक्रमण का कारण है गांव से आने वाले वे युवा, जो बेरोजगार हैं। इस फीडबैक के बाद पंचायत विभाग की मदद से नई योजना पर काम शुरू हुआ। पहले फेज में लगभग ढाई लाख युवाओं को आइडेंटिफाई करके उनके मूल काम से जोड़ा जाएगा। इसके पहले गांव में काम की डिमांड को देखा जाएगा। ग्राम सचिव की मदद से गांव में किस तरह के काम निकल रहे हैं, उनको ध्यान में रखकर प्रशिक्षण का माड्यूल तय होगा। यह काम इसी साल जुलाई से शुरू हो जाएगा। एक पंचायत में 10 युवाओं को ट्रेनिंग दी जाएगी।

60 % राशि केंद्र और 40 % राज्य सरकार देगी

मप्र राज्य कौशल एवं रोजगार निर्माण बोर्ड की मदद से ऑफलाइन प्रशिक्षण होगा। इसमें “सपोर्ट एक्टिविटी मद” बनाया गया है। इसमें केंद्र की तरफ से 60 फीसदी और राज्य सरकार द्वारा 40 फीसदी राशि खर्च की जाएगी। तीन दिवसीय ट्रेनिंग होगी। चौथे दिन ट्रेनी की एक परीक्षा लेकर मूल्यांकन किया जाएगा और इसके बाद उन्हें सर्टिफिकेट दिए जाएंगे।


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