'लोकतंत्र के फिजिशियन' बने प्रशांत किशोर! समझ ली जनता की नब्ज, बिहार में बदलेंगे सियासी समीकरण?

'लोकतंत्र के फिजिशियन' बने प्रशांत किशोर! समझ ली जनता की नब्ज, बिहार में बदलेंगे सियासी समीकरण?
पटना: प्रशांत किशोर इन दिनों एक 'फिजिशियन डॉक्टर' की तरह व्यवहार करने लगे हैं। लोकतंत्र के मालिक जनता का विशेष ख्याल उनके छोटे-छोटे सपने को ध्यान रख कर अपनी राजनीति का सिक्का भी जमा रहे हैं। कहा तो ये जाता ही रहा है कि प्रशांत किशोर एक रणनीतिकार हैं। लोकतंत्र के इसी रणनीतिकार ने अब जनता का नब्ज पकड़ उनकी छोटी-छोटी मुश्किल उनके छोटे-छोटे सपनों को पंख लगाने में लगे हैं। एक रणनीतिकार अपनी नीतियों के जरिए कुशल राजनीतिज्ञ का भी बोध कराने लगे हैं।

प्रशांत किशोर अब केवल रणनीतिकार ही नहीं राजनीतिज्ञ हो गए हैं। जनता का नब्ज कैसे पकड़ा जाता है, वो इनसे समझे। अभी तक प्रशांत किशोर की घोषणाओं को बारीकी से देखे तो कहां-कहां और कैसे बीजेपी के गढ़ में सेंधमारी करने की कोशिश को अंजाम देना शुरू किया है, ये देखना और जानना बड़ा ही दिलचस्प होगा। प्रशांत किशोर की घोषणाओं में प्रशांत किशोर की राजनीति की असली तस्वीर दिखेगी।

'स्कूल फीस मैं भरूंगा'

बांकीपुर विधायक प्रशांत किशोर की महत्वपूर्ण घोषणाओं में एक है कि सरकारी स्कूल में पढ़ाई ठीक नहीं लगी तो निजी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों का फीस मैं दूंगा। भले ही उन्होंने इस बात के लिए समय लिया कि अगर सरकारी स्कूल के हालत ठीक नहीं कर पाया या ठीक नहीं हुआ तो आप निजी स्कूलों में अपने बच्चों का नाम लिखाएं फीस मैं दूंगा।प्रशांत किशोर ने ऐसा कर मध्यम वर्ग के एक विशाल जनसमूह को एक बड़े सपने से जोड़ दिया। निजी स्कूलों में पढ़ाना एक हरक्यूलियन टास्क हो गया है। ऐसे में ये सुविधा बांकीपुर के तमाम जाति और धर्म के बच्चों के बेहतर भविष्य के प्रति आगाह करता है। ये एक तरह से प्रशांत किशोर का किसी भी घर में हर माह फीस के बहाने याद करना अनिवार्य हो जाएगा। ये जुड़ाव लोकतंत्र की मजबूती और अन्य विधायक के कर्तव्य बोध का भान कराने के लिए काफी है।

10 हजार नौजवानों को नौकरी

बांकीपुर की जनता अपने नौजवान बेरोजगार बच्चों का सीवी मेरे ऑफिस में भेजे, मैं 10 हजार को नौकरी दूंगा। प्रशांत किशोर की ये घोषणा भी एक बड़े वर्ग की उम्मीद को पूरा करता है। इस घोषणा में भी जाति, धर्म और दूसरी चीजों का कोई बंधन नहीं है। आज की तारीख में नौकरी मिलना, भगवान का मिलना माना जाता है।प्रशांत किशोर ने युवाओं में नौकरी के प्रति जो तड़प होती है, उस नब्ज को अभी सहलाया है। बचे हुए 4 वर्षों के कार्यकाल में 10 हजार लोगों को नौकरी वाली घोषणा अगर 50 प्रतिशत भी पूरा होगा तो मिले जनसमर्थन के विश्वास में इजाफा होगा। ये भी भाजपा के वोटबैंक जो सेंधमारी हुई है, वो जनसुराज के स्थाई मतदाता बनने के करीब होंगे।

'आवास में मैं नहीं आप रहेंगे'


बांकीपुर के नवनिर्वाचित विधायक प्रशांत किशोर ने सरकारी आवास को लेकर भी काफी भावनात्मक टिप्पणी की है। प्रशांत किशोर की ये टिप्पणी जनमत को आकर्षित करने वाला है। कहने को उन्होंने ये कहा कि इस सरकारी आवास में आप रहेंगे। हालांकि, उन्होंने ये स्पष्ट किया कि इस सरकारी भवन से सिर्फ बांकीपुर की जनता का काम होगा। यानी विधायकों के आवास में प्रवेश को लेकर जो ताम झाम रहेगा वो वहां नहीं दिखेगा।

जनता का प्रवेश अन्य विधायकों से मिलने में जो दिक्कतें होती है वो नहीं होगा। ये भी जनमत को बनाए रखने के लिए काफी है। जनता की परेशानी आधी तो तभी हो जाती है जब धैर्य से कोई सुन लेता है। हल तो दूर की बात। प्रशांत किशोर ने इसका रास्ता खोल बांकीपुर की जनता को बड़ी राहत देने के प्रति इशारा किया कि आपका सरकारी आवास आपका सीधा प्रवेश।
Advertisement