भोपाल। प्रदेश में इस सीजन की सबसे बड़ी मानसून प्रणाली अवदाब के रूप में फिलहाल उत्तर-पश्चिमी मध्य प्रदेश पर सक्रिय है। मानसून द्रोणिका भी प्रदेश से होकर गुजर रही है। इन प्रणालियों के असर से पिछले दो-तीन दिन से प्रदेश के अधिकांश इलाकों में रुक-रुककर बौछारें पड़ने का सिलसिला बरकरार है। कहीं-कहीं तो अतिवृष्टि के चलते बाढ़ के भी हालात बन गए हैं। शुक्रवार तक ताकतवर अबदाव का सिस्टम उत्तर-पूर्व की ओर आगे खिसक जाएगा, जिससे ग्वालियर-चंबल संभाग को छोड़कर प्रदेश के बाकी हिस्सों में तेज बारिश से राहत मिलने की उम्मीद है।
सीएम ने बुलाई आपात बैठक
प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में इन दिनों हो रही अतिवर्षा की स्थितियों की समीक्षा के लिए मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने गुरुवार को वरिष्ठ अधिकारियों की एक आपात बैठक बुलाई। सुबह 10 बजे मुख्यमंत्री आवास कार्यालय में वरिष्ठ अधिकारियों के बैठक हो रही है, जिसमें अतिवृष्टि से उत्पन्न स्थिति से बचाव के लिए किए जाने वाले कार्यों पर मंथन किया जा रहा है। इस बैठक में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सभी संभागीय आयुक्त, जिला कलेक्टर, पुलिस आयुक्त और एसपी भी जुड़े हैं।
कई जिलों में स्कूल की छुट्टी
इन जिलों में रेड अलर्ट
ऑरेंज अलर्ट वाले जिले
यहां सक्रिय हैं वेदर सिस्टम
- उत्तर-पश्चिमी मध्य प्रदेश और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश पर बना अवदाब का क्षेत्र धीरे-धीरे उत्तर की ओर बढ़ रहा है। शुक्रवार सुबह साढ़े पांच बजे यह उत्तर-पश्चिमी मध्य प्रदेश और आसपास के इलाकों में सक्रिय था। अगले 24 घंटों के दौरान इसके धीरे-धीरे उत्तर-पूर्व की ओर बढ़ने की संभावना है।
- मानसून द्रोणिका अब भटिंडा, हिसार, दिल्ली, उत्तर-पूर्व मध्य प्रदेश और उससे सटे दक्षिण उत्तर प्रदेश, सतना, डाल्टनगंज, बांकुरा, हल्दिया और वहां से पूर्व की ओर उत्तर-पूर्व की ओर बंगाल की खाड़ी से होकर गुजर रही है।
- इसके अलावा एक द्रोणिका के रूप में पश्चिमी विक्षोभ दक्षिणी गुजरात में बना हुआ है। गुजरात से उत्तरी केरल तट तक एक अपतटीय द्रोणिका बनी हुई है।
- दक्षिण गुजरात के ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण भी सक्रिय है।











