भोपाल। अभ्यर्थियों के द्वारा आडियो- विजूअल कैंपेन में प्रयोग किया जाने वाला कोई भी विज्ञापन बिना एमसीएमसी से प्रमाणन के बिना नहीं चलाया जा सकेगा। सिनेमा घरों में भी राजनीतिक विज्ञापन का प्रसारण बिना प्रमाणन के नहीं किया जाएगा। इलेक्ट्रानिक मीडिया (टीवी, केबल नेटवर्क, रेडियो, बल्क मेसेज, वाइसमेसेज, ई-न्यूज़ पेपर आदि में राजनीतिक विज्ञापनों का प्रसारण सक्षम एमसीएमसी समिति (दलों के लिए राज्य स्तरीय एमसीएमसी समिति एवं अभ्यर्थी के लिये जिला स्तरीय एमसीएमसी समिति) के प्रमाणन के बगैर नहीं हो सकेगा। राजनीतिक दलों अथवा अभ्यर्थियों के द्वारा आडियो- विजूअल कैंपेन में प्रयोग किया जाने वाला कोई भी विज्ञापन बिना एमसीएमसी के प्रमाणन के नहीं चलाया जा सकेगा।इसी के साथ सिनेमा घरों में भी राजनीतिक विज्ञापनों का प्रसारण बिना एमसीएमसी समिति के प्रमाणन के नहीं किया जाएगा । ऐसा करने पर संबंधित व्यक्ति, संचालक, अभ्यर्थी आदि के खिलाफ प्रविधानानुसार कार्यवाही की जाएगी। इसके अंतर्गत उपकरणों का जब्त किया जाना भी शामिल है।
कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी ने दिए निर्देश
कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी आशीष सिंह ने उक्त नियमों का अनिवार्य रूप से पालन सुनिश्चित करने हेतु निगरानी दलों को सक्रिय रहने के निर्देश दिये हैं। उल्लेखनीय है कि रजिस्ट्रीकृत राष्ट्रीय और राज्यीय राजनीतिक दल तथा निर्वाचन लड़ने वाला प्रत्येक अभ्यर्थी जो विज्ञापन जारी करने का प्रस्ताव करता है उसे ऐसे विज्ञापन के प्रसारण की प्रारंभ की प्रस्तावित तिथि से कम से कम तीन दिन पूर्व आवेदन एवं अन्य व्यक्ति या गैर मान्य्ता प्राप्त राजनीतिक दल के मामले में कम से कम सात दिन पूर्व सक्षम समिति के समक्ष आवेदन निर्धारित प्रपत्र मे समस्त आवश्यक प्रविष्टियों समेत समिति को प्रस्तुत करना होगा।
सी-विजिल एप से कर सकते है आचार संहिता उल्लंघन की शिकायत
स्वतंत्र और निष्पक्ष निर्वाचन सुनिश्चित करने में नागरिकों की भागीदारी और जवाबदेही बढ़ाने के लिए भारत निर्वाचन आयोग ने विधानसभा निर्वाचन-2023 में भी सी-विजिल मोबाइल एप का प्रयोग किया है। इस एप के जरिए कोई भी व्यक्ति आदर्श आचरण संहिता का उल्लंघन की गतिविधियों या घटनाओं की शिकायत दर्ज करा सकता है। इस पर आदर्श आचार संहिता उल्लंघन की शिकायत होने पर समय रहते कार्रवाई की जाएगी। सी-विजिल मोबाइल एप पर शिकायत प्राप्त होते ही उडऩदस्ता (एफएसटी) तुरंत मौके पर पहुंच कर जरूरी कार्रवाई करेगा। इस एप के माध्यम से आने वाली हर शिकायत पर 100 मिनट के अंदर कार्रवाई की जाएगी। इसमें शिकायतकर्ता का नाम गोपनीय रखा जाएगा।











