लैटिन कैथोलिक मलयाली परिवार
केरल के तिरुवनंतपुरम जिले के विझिंजम के पास एक तटीय गांव पुल्लुविला में पैदा हुए संजू जब शॉट्स मारते हैं तो एफर्टलेस लगते हैं। मानो इतना लंबा छक्का मारने के लिए उन्हें कोई मेहनत ही नहीं करनी पड़ी। लंबे-लंबे शॉट्स लगाने में माहिर इस युवा विकेटकीपर बल्लेबाज को दुनिया ने पहली बार साल 2013 में आईपीएल में खेलते देखा। राहुल द्रविड़ की कप्तानी में राजस्थान रॉयल्स के लिए खेलते हुए उन्होंने 11 मैच में कुल 206 रन बनाए थे।
केरल के तिरुवनंतपुरम जिले के विझिंजम के पास एक तटीय गांव पुल्लुविला में पैदा हुए संजू जब शॉट्स मारते हैं तो एफर्टलेस लगते हैं। मानो इतना लंबा छक्का मारने के लिए उन्हें कोई मेहनत ही नहीं करनी पड़ी। लंबे-लंबे शॉट्स लगाने में माहिर इस युवा विकेटकीपर बल्लेबाज को दुनिया ने पहली बार साल 2013 में आईपीएल में खेलते देखा। राहुल द्रविड़ की कप्तानी में राजस्थान रॉयल्स के लिए खेलते हुए उन्होंने 11 मैच में कुल 206 रन बनाए थे।
लैटिन कैथोलिक मलयाली परिवार
केरल के तिरुवनंतपुरम जिले के विझिंजम के पास एक तटीय गांव पुल्लुविला में पैदा हुए संजू जब शॉट्स मारते हैं तो एफर्टलेस लगते हैं। मानो इतना लंबा छक्का मारने के लिए उन्हें कोई मेहनत ही नहीं करनी पड़ी। लंबे-लंबे शॉट्स लगाने में माहिर इस युवा विकेटकीपर बल्लेबाज को दुनिया ने पहली बार साल 2013 में आईपीएल में खेलते देखा। राहुल द्रविड़ की कप्तानी में राजस्थान रॉयल्स के लिए खेलते हुए उन्होंने 11 मैच में कुल 206 रन बनाए थे।
केरल के तिरुवनंतपुरम जिले के विझिंजम के पास एक तटीय गांव पुल्लुविला में पैदा हुए संजू जब शॉट्स मारते हैं तो एफर्टलेस लगते हैं। मानो इतना लंबा छक्का मारने के लिए उन्हें कोई मेहनत ही नहीं करनी पड़ी। लंबे-लंबे शॉट्स लगाने में माहिर इस युवा विकेटकीपर बल्लेबाज को दुनिया ने पहली बार साल 2013 में आईपीएल में खेलते देखा। राहुल द्रविड़ की कप्तानी में राजस्थान रॉयल्स के लिए खेलते हुए उन्होंने 11 मैच में कुल 206 रन बनाए थे।
वर्ल्ड कप से पहले टीम से बाहर
बीते दो-तीन साल से संजू सैमसन टीम इंडिया का हिस्सा जरूर रहे, लेकिन उन्हें लगातार मौके नहीं मिले। कभी उन्हें स्क्वॉड में जगह नहीं मिलती। कभी प्लेइंग इलेवन का हिस्सा नहीं बन पाते। जब मैच में खिलाया जाता तो संजू उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पाते। वर्ल्ड कप से ठीक पहले उन्हें एशिया कप के स्क्वॉड में बतौर बैकअप शामिल किया गया था। मगर केएल राहुल के फिट होने के बाद ईशान किशन वर्ल्ड कप स्क्वॉड में जगह बनाने में कामयाब रहे और संजू को एकबार फिर निराशा ही हाल लगी। 2015 में अपना टी-20 इंटनेशनल डेब्यू करने वाले संजू को पहला वनडे खेलने में छह साल लग गए। 2021 में उन्हें श्रीलंका के खिलाफ एकदिवसीय डेब्यू का मौका मिला। 13 वनडे और 24 टी-20 इंटरनेशनल में इस बल्लेबाज के नाम क्रमश: 390 और 374 रन है, जिसमें तीन और एक अर्धशतक शामिल है।











