भोपाल। मध्य प्रदेश में बढ़ रही सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस स्कूल-कालेज के विद्यार्थियों का सहारा लेगी।
पहले शिक्षकों को देंगे मार्गदर्शन
मध्य प्रदेश के हर जिले में पुलिस शहर के स्कूल-कालेज के कुछ शिक्षकों को बुलाकर हेलमेट व सीट बेल्ट लगाने और यातायात के अन्य नियमों के बारे में बताएगी। इसके बाद मास्साब स्कूल में विद्यार्थियों को पाठ पढ़ाएंगे और उनसे कहेंगे कि घर में जाकर अपने माता-पिता, भाई-बहन से यातायात नियमों का पालन करने के लिए कहें।
पहली मर्तबा इस तरह की कवायद
इसके पहले यातायात के नियमों का पालन कराने के लिए कालेजों को पुलिस मुख्यालय की तरफ से पत्र लिखा जाता रहा है। खासकर हेलमेट लगाने के लिए कई बार प्रयास किए गए हैं, पर यह पहली बार है जब शहर के प्रमुख स्कूल-कालेज के शारीरिक शिक्षक या स्कूल द्वारा नामित अन्य शिक्षक को पुलिस कंट्राेल कक्ष में बुलाकर बैठक की जाएगी। उन्हें नियमों और विद्यार्थियों की काउंसलिंग के तरीके बारे में बताया जाएगा।
हेलमेट और सीट बेल्ट लगाने का अनिवार्य रूप से पालन
इस प्रयास के पीछे की वजह यह है कि हाई कोर्ट ने 15 जनवरी 2024 तक सभी प्रदेश में हेलमेट और सीट बेल्ट लगाने का अनिवार्य रूप से पालन कराने को कहा है। इसके लिए पुलिस प्रशासन सख्ती करने के साथ ही लोगों की समझाने पर भी जोर दे रही है।
बिना हेलमेट पेट्रोल नहीं
बिना हेलमेट पेट्रोल नहीं देने के लिए भी सभी जिलों में जिला प्रशासन की ओर से निर्देश जारी किए जाएंगे। बता दें कि पिछले वर्ष प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं में 13 हजार 427 लोगों की जान चली गई थी। छह हजार 357 दोपहिया वाहन सवार थे।
इनका कहना है
सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को पत्र लिखकर स्कूल-कालेज के शिक्षकों के साथ बैठक करने को कहा है, जिससे बच्चे खुद समझदार बनें और माता-पिता को भी समझाएं।











