पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) संदीप पटेल के निर्देश पर चलाए गए इस अभियान की निगरानी अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त और सहायक पुलिस आयुक्तों ने की। सुबह 8 बजे शुरू हुए अभियान में कॉलोनी के अलग-अलग ब्लॉकों, मकानों और सार्वजनिक स्थानों की सघन तलाशी ली गई।
इस दौरान क्षेत्र में रहने वाले गुंडा-बदमाशों, निगरानीशुदा अपराधियों, आदतन अपराधियों और अन्य संदिग्ध व्यक्तियों का सत्यापन किया गया। पुलिस ने बाहर से आकर किराये या अस्थायी रूप से रह रहे लोगों के दस्तावेज भी खंगाले।
टीमों ने घर-घर पहुंचकर रहवासियों से जानकारी ली और क्षेत्र में रहने वाले लोगों को सुरक्षा संबंधी जरूरी सुझाव भी दिए। किरायेदारों और बाहरी व्यक्तियों की गतिविधियों पर विशेष नजर रखी गई।
अपराधियों को दी गई सख्त चेतावनी
अभियान के दौरान आपराधिक गतिविधियों से जुड़े लोगों को चिन्हित कर उन्हें कड़ी समझाइश दी गई। पुलिस अधिकारियों ने साफ कहा कि यदि कोई व्यक्ति कानून-व्यवस्था बिगाड़ने या किसी भी आपराधिक गतिविधि में शामिल पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
चेकिंग के दौरान क्षेत्र में रहने वाले गुंडा-बदमाशों, निगरानीशुदा अपराधियों, आदतन अपराधियों और अन्य संदिग्ध व्यक्तियों का सत्यापन किया गया। पुलिस ने बाहर से आकर किराये या अस्थायी रूप से रह रहे लोगों के दस्तावेज भी खंगाले।
लोगों से मांगी पुलिस ने मदद
पुलिस अधिकारियों ने कॉलोनी के रहवासियों से बातचीत कर उन्हें अपने आसपास होने वाली संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तत्काल पुलिस को देने की अपील की। साथ ही किरायेदारों और घरेलू सहायकों का अनिवार्य पुलिस सत्यापन कराने पर भी जोर दिया गया।
अपराधियों में डर, लोगों में भरोसा बढ़ाने की कवायद
पुलिस के अनुसार इस तरह के आकस्मिक अभियान का उद्देश्य अपराधियों और असामाजिक तत्वों में कानून का भय पैदा करना, क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बनाए रखना तथा आम लोगों में सुरक्षा का भरोसा मजबूत करना है।
रायपुर पुलिस ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में भी शहर के विभिन्न इलाकों में इसी तरह के अचानक सर्च और सत्यापन अभियान चलाए जाएंगे।











