जबलपुर। सिहोरा के खितौला में करीब डेढ़ माह पहले युवती के साथ अभद्रता कर उसे जबरन साथ ले जाने वाले आरोपितों के शिकायत ने राहत की बजाए युवती को ही परेशानी में डाल दिया। युवती पर आरोपित शिकायत वापस लेने का दवाब बना रहे हैं। इसके लिए आए दिन उसे धमका रहे हैं। इस मामले की जानकारी पुलिस तक पहुंची तो वे आरोपित के खिलाफ गिरफ्तारी का दावा कर रहे हैं।
क्या है मामला
करीब डेढ़ माह पूर्व एक युवती को कुछ युवकों ने आटो से उतारा और उसे साथ ले जाने लगे। युवती ने विरोध किया तो उसके साथ मारपीट की। युवती ने साहस से विरोध करते हुए अपने सहकर्मियों को फोन कर बुला लिया था, जिनके आने के बाद चारो आरोपित घटनास्थल से फरार हो गए। पीड़िता ने इस मामले की शिकायत खितौला थाने में की थी। पुलिस ने मामला तो दर्ज कर लिया था लेकिन किसी की गिरफ्तारी नही की थी जिसके बाद से आरोपी पीड़िता के स्वजन को लगातार शिकायत वापस लेने दवाब बना रहे हैं। पीड़िता के परिजनों से मिली जानकारी अनुसार युवती अस्पताल काम करती है। वाे रोजाना की तरह शाम को ऑटो से काम पर जा रही थी तभी खितौला वार्ड 18 निवासी मुख्य आरोपित छुटकी पटेल पिता भूप्पा पटेल 22 वर्ष, शिवम कोरी पिता दयाराम कोरी, विपिन पटेल पिता किशन पटेल, गोलू पटेल खितौला निवासी ने 23 मई 2023 को करीब डेढ़ माह पहले खितौला के से सामने काम पर जाते समय जबरन ऑटो से उतारकर भद्दी गालियां देते हुए साथ ले जाने का प्रयास करने लगे। युवती ने विरोध किया तो उसे मारापीटा। किसी तरह युवती अपने सहकर्मियों को फोन कर बुला लिया था जिसके बाद आरोपी वहां से भाग गए थे। जिसके बाद युवती ने खितौला थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी लेकिन इस तरह के संगीन घटना में भी पुलिस ने किसी को गिरफ्तार नही किया था। जिसके बाद आरोपी पीड़िता और परिजनों पर राजीनामा करने दबाव बना रहे हैं।सुलह करने का दवाब-पुलिस द्वारा आरोपितो के खिलाफ कार्रवाई करने की बजाए उन्हें छोड़ दिया गया। इधर आरोपित और उनके स्वजन युवती पर ही शिकायत को वापस लेने का दवाब बनाने लगे। पीड़ित के द्वारा सीएम हेल्पलाइन में शिकायत की गई जिसके बाद भी आरोपित खुले घूम रहे हैं और पुलिस उल्टे ही पीड़िता के पिता को थाने बुलाकर जबरन 181 की शिकायत को फोन करवाकर रविवार की देर को कटवाया गया। पीड़िता के पिता मजदूरी करते हैं जो पुलिस के दवाब में आकर शिकायत कटवा दी।
करेंगे गिरफ्तार
इस मामले में एसडीओपी सिहाेरा भावना मरकाम ने कहा कि पुलिस ने मामला दर्ज किया था लेकिन सात साल से कम सजा वाला प्रकरण होने की वजह से उन्हें हिरासत में नहीं लिया गया। अब थाना प्रभारी को निर्देश दिया गया है कि आरोपितों को हिरासत में लिया जाएगा।











