भोपालपटनम विकासखं में उलूर से केरपे, लंबाई 90 कि.मी. सड़क की भी विभागीय टीम ने गुणवत्ता जांच की। निरीक्षण के दौरान सड़कों की सतह, मजबूती एवं तकनीकी मानकों के अनुरुप कार्य नही कराये जाने के कारण नाराजगी व्यक्त करते हुए ठेकेदार अंकित गुप्ता को निर्देशित किया गया है कि निर्माण कार्य गुणवत्तापूर्वक पूर्ण किये जाने के उपरांत ही भुगतान किया जाना संभव है साथ ही सड़क के बगल से खाई नूमा मिटटी खोद कर अर्थवर्क कार्य करने पर एवं मनमर्जी ढंग से किसी भी स्थान पर पुलिया बनायें जाने पर गहरी नाराजगी व्यक्त की गयी तथा ठेकेदार अंकित गुप्ता को निर्देशित किया गया कि सभी पुििलयों को तोड़कर विभागीय अभियंताओ के निर्देशानुसार पुनः कार्य किया जावे एवं सड़क के बगल से मिटटी खोदे जाने के कारण सड़क में कटाव होने कि आंशका के कारण उसे भरे जाने हेतु निर्देशित किया गया।
इसी प्रकार पालनार से रेगडगटटा लंबाई 5 कि.मी. एवं भैरमगढ़ बीजापुर रोड़ 20 कि.मी. से बडेतुंगली ठेकेदार दंगल बिल्डर्स को कार्यो को गुणवत्तापूर्वक कार्य करने हेतु निर्देशित किया गया साथ ही स्थल का विभागीय एवं ठेकेदार के तकनीकी अमलों के साथ पुनः संयुक् निरीक्षण हेतु निर्देशित किया गया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने कहा कि इन सड़कों के निर्माण से विशेष रुप से अति पिछड़े एवं जनजातीय क्षेत्रों में आवागमन सुगम होगा, जिससे ग्रामीणों को शिक्षात्र स्वास्थ्य सेवाओं, बाजार एवं रोजगार के अवसरों तक बेहतर पहुंच मिलेगी। उन्होनें यह भ कहा कि ग्रामीण सड़कें क्षेत्रीय विकास की आधारशीला होती हैं और इनके माध्यम से सामाजिक एवं आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलती है।
प्रमुख अभियंता के.के कटारे द्वारा ठेकेदारों एवं विभागीय अभियंताओं को निर्देश दिए कि निर्माण कार्य में पारदर्शिता, गुणवत्ता एवं समयबद्वता का विशेष ध्यान रखा जाए जिससे बीजापुर जिले में नक्सल उलमूलन के उपरांत जिले के विकास कार्यो में तेजी आये एवं ग्रामीण जनता सीधे संपर्क मांगों से जुड़ सकें।











