भोपाल। राजधानी के करोंद इलाके में स्थित भोपाल स्मारक अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र (बीएमएचआरसी) में पाइल्स, फिस्टुला, फिशर जैसी व्याधियों से पीड़ित मरीजों के अब आधुनिक लेजर तकनीक से आपरेशन होंगे। इसके लिए आधुनिक तकनीक वाली एडवांस्ड लेजर डायोड मशीन यहां आ गई है। मंगलवार को भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आइसीएमआर) के सहायक महानिदेशक जगदीश राजेश ने इस मशीन को जनता को समर्पित किया।
हर माह 20-30 मरीजों की होती है सर्जरी
जगदीश राजेश ने कहा कि आइसीएमआर गैस पीड़ित मरीजों को बीएमएचआरसी में गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। बीएमएचआरसी में एडवांस्ड लेजर डायोड मशीन को उपलब्ध कराना इसी दिशा में एक कदम है। बीएमएचआरसी की प्रभारी निदेशक डा. मनीषा श्रीवास्तव ने कहा कि यहां प्रतिमाह एनोरेक्टल बीमारियों के 25-30 मरीजों की सर्जरी होती है। ऐसे मरीजों के इलाज में यह मशीन बहुत लाभकारी साबित होगी। इससे उन्हें आपरेशन के बाद होने वाली जटिलताओं और दर्द से मुक्ति मिलेगी।
90 प्रतिशत तक दर्द कम होगा
बीएमएचआरसी के गैस्ट्रो सर्जरी विभाग के प्रमुख डा. प्रमोद वर्मा ने बताया कि अब तक पाइल्स, फिस्टुला, फिशर, बवासीर जैसी बीमारियों में मरीजों की चीरा लगाकर सर्जरी की जाती थी। ऐसे में मरीज को पूरी तरह ठीक होने में 20 से 25 दिन का समय लगता था और सर्जरी के बाद भी मरीज को काफी दर्द होता था। मरीज को चार-पांच दिन अस्पताल में एडमिट रहना पड़ता था। हालांकि अब इस नई मशीन के इस्तेमाल से सर्जरी के दौरान चीरा नहीं लगाना पड़ेगा, लेजर के जरिये आपरेशन कर दिया जाएगा। इससे मरीज को सर्जरी के बाद होने वाला दर्द 90 प्रतिशत तक कम हो जाएगा और उसे सर्जरी के अगले ही दिन अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया जाएगा।











