आंखों में मिर्ची झोंककर दिन दहाड़े पेट्रोल पंप के मैनेजर से पौने चार लाख की लूट

आंखों में मिर्ची झोंककर दिन दहाड़े पेट्रोल पंप के मैनेजर से पौने चार लाख की लूट
भोपाल। पेट्रोल पंप से नकदी लेकर बाइक से बैंक जा रहे मैनेजर की आंखों में मिर्ची झोंककर तीन बदमाश उसका पिट्ठू बैग छीनकर पैदल फरार हो गए। बैग में 3,79,000 रुपये रखे थे। यह सनसनीखेज वारदात दोपहर लभगग ढाई बजे भोपाल-सीहोर हाइवे पर न्यू कैम्पियन स्कूल के सामने स्थित भारत पेट्रोलियम कंपनी के पेट्रोल पंप के पास हुई। घटना के बाद पुलिस ने आसपास के क्षेत्रों की नाकाबंदी भी कराई, लेकिन लुटेरों के बारे में कोई सुराग नहीं लग सका। खजूरी सड़क थाने के एएसआइ बनवारीलाल ने बताया कि कैलाश नगर, बैरागढ़ निवासी 52 वर्षीय मनोज भावसार न्यू कैम्पियन स्कूल के सामने बने पेट्रोल पंप पर मैनेजर हैं। गुरुवार दोपहर लगभग ढाई बजे वह बैंक में रुपये जमा करने के लिए निकले थे। रुपये उन्होंने पिट्ठू बैग में रखे थे।

गलत दिशा से जाने के कारण बाइक की रफ्तार कम थी

पेट्रोल पंप के सामने डिवाइडर पर कट प्वाइंट नहीं बना है। इस वजह से दूसरे तरफ की सड़क पर जाने के लिए बने कट प्वाइंट पर जाने के लिए मनोज बाइक से गलत दिशा से धीमी रफ्तार से बाइक चला रहे थे। वह मुश्किल से 50-60 मीटर ही चले थे, तभी चेहरे पर माइक पहने एक युवक ने उन्हें रुकने के लिए बोला। मनोज ने उसकी बात की अनुसुनी की, तो उसने मनोज का हाथ पकड़ लिया। इससे उन्हें बाइक रोकना पड़ी, तभी एक दूसरे युवक ने मनोज की आंखों में मिर्च पाउडर झोंक दिया। इस दौरान तीसरा युवक भी तेजी से वहां आ गया। तीनों मनोज की पीठ पर टंगा पिट्ठू बैग छीनकर पैदल भाग निकले। मदद के लिए मनोज ने शोर भी मचाया। जब तक लोग कुछ समझ पाते, तीनों युवक कैम्पियन स्कूल और चिरायु अस्पताल के बीच स्थित नर्सरी के रास्ते से भाग निकले। उन्हें लोगों ने चिरायु अस्पताल के पीछे बने होस्टल के रास्ते तक जाते देखा है। इसके बाद वे ओझल हो गए। घटना की सूचना मिलने पर डीसीपी-जोन-चार, सुंदरसिंह कनेश भी मौके पर पहुंचे और जांच टीम को आवश्यक निर्देश दिए।

कैमरे भी बंद थे

जिस तरह से वारदात को अंजाम दिया गया, उसे देखते हुए पुलिस का अनुमान है कि बदमाशों ने रेकी की थी। लुटेरों के हुलिए पता करने के लिए पुलिस पेट्रोल पंप पर लगे सीसीटीवी के फुटेज देखने पहुंची थी। वहां पता चला कि मरम्मत का काम चलने के कारण गुरुवार सुबह चार बजे से कैमरे बंद थे। उधर घटना स्थल के आसपास सीसीटीवी नहीं रहने के कारण लुटेरों के फुटेज नहीं मिल सके हैं।

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