भोपाल। राजनीतिक दल, आयोजन समिति सहित अन्य किसी को भी आम सभा, जुलूस या चलित वाहन में ध्वनि विस्तारक यंत्र के प्रयोग की अनुमति या फिर ऐसा कार्यक्रम करना हो जिसमें पांच से अधिक लोग शामिल होंगे, तो उसको कार्यक्रम से 48 घंटे पहले संबंधित सक्षम अधिकारी से अनुमति लेनी होगी। यदि ऐसा नहीं किया जाता है तो व्यक्तियों / राजनीतिक दलों के विरुद्ध लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 तथा मप्र कोलाहल नियंत्रण 1985 के प्रविधान अंतर्गत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि चार अक्टूबर से भोपाल सहित पूरे प्रदेश में आदर्श आचार संहिता लागू हो चुकी है जो कि मतदान के बाद चुनाव परिणाम आने तक 5 दिसंबर तक लागू रहेगी।
कोलाहल नियंत्रण के दृष्टिगत साइलेंस जोन घोषित
कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी भोपाल आशीष सिंह ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग की विधानसभा निर्वाचन 2023 की घोषणा के साथ ही जिला भोपाल में आदर्श आचरण संहिता लागू हो गई है। विधानसभा निर्वाचन प्रक्रिया प्रारंभ हो जाने से राजनीतिक दलों / व्यक्तियों द्वारा चुनाव प्रचार के कार्य में ध्वनि विस्तारक यंत्रों के दुरुपयोग, लोक प्रशांति भंग करने के लिए ध्वनि विस्तार यंत्रों को हथियार के रूप में इस्तेमाल करने की आशंका है, जिससे आमजन पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा और शान्तिपूर्ण एवं निष्पक्ष निर्वाचन सम्पन्न कराने, कानून व्यवस्था य लोकशांति बनाए रखने में बाधा उत्पन्न हो सकती है। उक्त स्थिति में समग्र दृष्टि से विचार कर विधानसभा आम निर्वाचन 2023 निर्विघ्न, शांतिपूर्वक व्यवस्थित तरीके से सम्पन्न करवाने, कानून व्यवस्था बनाए रखने तथा ध्वनि प्रदूषण को रोकने की दृष्टि से लोकहित में मध्यप्रदेश कोलाहल नियंत्रण अधिनियम-1985 की धारा-18 के तहत सम्पूर्ण भोपाल जिले की राजस्व सीमाओं को आगामी आदेश तक कोलाहल नियंत्रण क्षेत्र (साइलेंस जोन) घोषित कर आदेश जारी किए गए हैं।
रात 10 से सुबह छह बजे तक ध्वनि विस्तारक यंत्रों पर प्रतिबंध
जारी आदेशानुसार संपूर्ण जिले में रात10 बजे से सुबह छह बजे तक लाउड स्पीकर विस्तार यंत्रों का सार्वजनिक उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। सक्षम अधिकारी की अनुमति प्राप्त कर सुबह छह बजे से रात 10 बजे तक मध्यप्रदेश कोलाहल नियंत्रण अधिनियम-1985 तथा ध्वनि प्रदूषण (विनियम और नियंत्रण) नियम 2000 के प्रविधान के तहत ही अनुमति दे सकेंगे। जिसके तहत सिर्फ ध्वनि मानक 10 डेसीयल या कुल क्षमता का 1/4 वाल्यूम में से जो कम हो पर ध्वनि विस्तार यंत्रों का उपयोग करने की अनुमति दे सकेंगे।
वाहन के लिए देने होंगे ये दस्तावेज
वाहन पर ध्वनि विस्तारक यंत्र के उपयोग की स्थिति में वाहन का पंजीयन, वैध ड्रायविंग लायसेंस, बीमा, फिटनेस आदि दस्तावेज प्रस्तुत करना आवश्यक होगा। यदि चलित वाहन में लाउड स्पीकर का प्रयोग किया जाता है तो उपयोग में लाए जाने वाले मार्ग अथवा क्षेत्र का विवरण प्रस्तुत करना भी आवश्यक होगा।शासकीय विश्राम भवन, न्यायालय, चिकित्सालय, कलेक्ट्रेट, जेल, विद्यालय, शासकीय कार्यालय, पुलिस थाना बैंक, दूरसंचार तथा अन्य क्षेत्र जो अन्यथा घोषित किए जाये आदि से 200 मीटर की परिधि में ध्वनि विस्तारक यंत्रों के प्रयोग की अनुमति प्रदान नहीं की जाएगी।











