यूट्यूब चैनल 'जिंदगी विद ऋचा' में अनुम खेर ने 'सड़क' के अपने डायरेक्टर महेश भट्ट के लिए कहा कि वह ऐसे व्यक्ति हैं जो किसी दूसरों की बात सुनने का भी साहस रखते हैं, भले ही वह उनसे सहमत नहीं है। एक्टर ने कहा, 'भट्ट साहब को तो हजारों खून माफ है। वे मेरे गुरु हैं और हमारे बीच उम्र का ज्यादा फर्क नहीं होने के बावजूद वे मेरे लिए पितातुल्य हैं।'
'लोग अपनी असलियत दिखा... मुखौटे उतर जाते हैं', नसीरुद्दीन शाह पर बिदके अनुपम खेर, 'खून में चापलूसी' पर पलटवार
बॉलीवुड के दिग्गज एक्टर अनुपम खेर अपनी दमदार एक्टिंग के साथ ही बेबाकी के लिए भी मशहूर हैं। वह अक्सर फिल्म, धर्म, परिवार और अन्य मुद्दों पर अपनी बेधड़क बातों के लिए सुर्खियों में रहते हैं। अनुपम खेर बॉलीवुड में अपने समकालीन एक्टर्स के साथ मतभेदों को लेकर भी चर्चा में रहे हैं। अब इसी कड़ी में उन्होंने नसीरुद्दीन शाह और महेश भट्ट पर निशाना साधा है। हालिया इंटरव्यू में, अनुपम खेर ने माना कि दोनों के साथ उनके मतभेद और मनभेद रहे हैं, लेकिन उन्होंने इन मुद्दों को शांत भाव से सुलझाया। हालांकि, यह भी साफ किया कि कम से कम नसीरुद्दीन शाह के साथ उनकी नाराजगी दूर होने वाली नहीं है।
यूट्यूब चैनल 'जिंदगी विद ऋचा' में अनुम खेर ने 'सड़क' के अपने डायरेक्टर महेश भट्ट के लिए कहा कि वह ऐसे व्यक्ति हैं जो किसी दूसरों की बात सुनने का भी साहस रखते हैं, भले ही वह उनसे सहमत नहीं है। एक्टर ने कहा, 'भट्ट साहब को तो हजारों खून माफ है। वे मेरे गुरु हैं और हमारे बीच उम्र का ज्यादा फर्क नहीं होने के बावजूद वे मेरे लिए पितातुल्य हैं।''महेश भट्ट जानते हैं कि मैं कैसा हूं'
अनुपम खेर ने महेश भट्ट के लिए कहा, हमारा रिश्ता ऐसा है कि मैं उनके सामने अपनी बात कह सकता हूं और वे मेरी बात मान लेते हैं। एक छोटा सा समय ऐसा भी था जब वे मुझसे नाराज थे और मैं इंतजार कर रहा था कि उनका गुस्सा शांत हो जाए। क्योंकि वे जानते हैं कि मैं कहां से हूं।'
अनुपम खेर बोले- नसीर साहब का सम्मान है, लेकिन...
इसके बाद अनुपम खेर ने नसीरुद्दीन शाह के बारे में बात शुरू की। उन्होंने कहा, 'नसीर साहब की बात करें तो मेरे मन में उनके लिए हमेशा बहुत सम्मान रहेगा, हालांकि उन्हें इस तरह से देखना कोई बड़ी बात नहीं है, क्योंकि पूरी दुनिया उनका और उनके काम का सम्मान करती है। मैंने अभी एक वीडियो पर प्रतिक्रिया दी है, जिसमें उन्होंने बेवजह मेरी परवरिश का जिक्र किया। मेरे परिवार और मेरी शिक्षा ने मुझे एक शांत इंसान बनाया है, लेकिन अगर कोई मेरे स्वाभिमान को ठेस पहुंचाता है, तो उन्होंने मुझे जवाब देना भी सिखाया है।
'धीरे-धीरे लोग अपनी असलियत दिखाने लगते हैं'
अनुपम खेर ने अपनी बात खत्म करते हुए आखिर में कहा, 'आप सब को खुश नहीं रख सकते और लोग बदलते नहीं हैं। वे हमेशा से ऐसे ही रहे हैं। बस अभी तक उनका मुखौटा नहीं उतरा है। धीरे-धीरे समय के साथ लोग अपनी असलियत दिखाने लगते हैं और मैं असल में भट्ट साहब या नसीर साहब की बात नहीं कर रहा हूं। जैसे, मैंने भट्ट साहब के साथ राजनीति पर चर्चा करना बंद कर दिया है, क्योंकि आजकल बॉलीवुड समेत हर इंडस्ट्री बंटी हुई है।'नसीरुद्दीन शाह ने कहा था- चापलूसी स्वभाव उनके खून में है
जानकारी के लिए बता दें कि साल 2020 में एक इंटरव्यू में, दीपिका पादुकोण के जेएनयू में छात्रों का समर्थन करने के कदम का बचाव करते हुए, नसीरुद्दीन शाह ने अनुपम खेर के सरकार के समर्थन पर बात की थी। उन्होंने कहा था, 'अनुपम खेर जैसे लोग बहुत मुखर रहे हैं। मुझे नहीं लगता कि उन्हें गंभीरता से लेने की जरूरत है। वे एक विदूषक हैं। एनएसडी और एफटीआईआई के उनके समकालीन कई लोग उनके चापलूसी स्वभाव की गवाही दे सकते हैं। यह उनके खून में है, वे इससे बच नहीं सकते।'
यूट्यूब चैनल 'जिंदगी विद ऋचा' में अनुम खेर ने 'सड़क' के अपने डायरेक्टर महेश भट्ट के लिए कहा कि वह ऐसे व्यक्ति हैं जो किसी दूसरों की बात सुनने का भी साहस रखते हैं, भले ही वह उनसे सहमत नहीं है। एक्टर ने कहा, 'भट्ट साहब को तो हजारों खून माफ है। वे मेरे गुरु हैं और हमारे बीच उम्र का ज्यादा फर्क नहीं होने के बावजूद वे मेरे लिए पितातुल्य हैं।'











