भोपाल। हमीदिया अस्पताल के कार्डियोलाजी विभाग के सामान्य वार्ड में मरीजों को आईसीयू (इंटेंसिव केयर यूनिट) जैसी सुविधाएं मिल सकेंगी। कार्डियोलाजी विभाग सामान्य मरीजों के वार्ड को आईसीयू कि तर्ज पर विकसित किया गया है। जिससे हमीदिया के कार्डियोलाजी डिपार्टमेंट में मरीजों को किसी कोर्पोरेट जैसा अच्छा उपचार मिल सकेगा। विभाग के विशेषज्ञों का मानना है कि उनके यहां आने वाले सभी मरीज गंभीर होते हैं। ऐसे में सभी को आईसीयू कि देखभाल मिलना चाहिए।
डा. अजय शर्मा ने बताया कि सामान्य वार्ड में उनके पास अभी 30 बिस्तर हैं, वहीं आईसीयू के लिए 10 बिस्तर हैं। जहां पर मरीजों को रखा जा रहा है। लेकिन जनरल वार्ड में आईसीयू कि तरह ही वेंटिलेटर मशीन,हार्ट मानिटर ,सिरिंज पंप ,डिफाइब्रिलेटर ,पल्स आक्सीमीटर और ब्लड वार्मर जैसे उपकरणों कि व्यवस्थाएं की गई है। यह सभी उपकरणों कि उपलब्धत आईसीयू में ही होती है। इनकी उपकरणों से मानिटरिंग से ही विशेष होती है। जो अब सामान्य वार्ड में भी उपलब्ध होगी। सेंट्रल मानिटरिंग सिस्टम को भी डेवलप किया गया है।
अब इमरजेंसी वार्ड में पेसमेकर लगा सकेंगे
हमीदिया के चिकित्सकों ने बताया कि वर्तमान में हमीदिया अस्पताल में हमारे पास वो सुविधाएं है। जिससे हम गंभीर से गंभीर मरीजों को बिस्तर पर ही मौका आने पर उपचार दे सकते हैं। अभी कुछ दिन पहले ही वार्ड में नई व्यवस्थाओं के चलते ही एक मरीज कि जान बचा ली गई थी। मरीज को हार्ट फेलियर के दौरान ही सभी ने मेहनत कर वार्ड में ही पेसमेकर लगा दिया गया था। जिससे पेसमेकर का इंतजाम कराया जा सकता है।
इसे कहते हैं आईसीयू यूनिट
आईसीयू किसी भी अस्पताल की एक ऐसी इकाई है, जहां गंभीर रोगों से ग्रसित, आपरेशन व ट्रामा के मरीजों का इलाज किया जाता है। इस वार्ड में बीमारी के हिसाब से न्यूरो, सर्जिकल व मेडिकल आईसीयू अलग-अलग होते हैं। ऐसे में इनकी मशीनें और डाक्टर भी भिन्न-भिन्न होते हैं। इसमें मरीजाें कि 24 घंटे बिस्तर पर मानिटरिंग होती है।
इनका कहना है
हमने हमारे सामान्य वार्ड को पूरी तरह से आईसीयू कि तर्ज पर विकसित किया है। हमने सभी पलंग के पास मानिटरिंग सिस्टम लगाया है। वार्ड में दो वेंटिलेटर रखे हैं, इसके साथ हमारे दो डाक्टर निरंतर मरीजों कि मानिटरिंग के लिए उपलब्ध रहते हैं।
डा. राजीव गुप्ता, विभागाध्यक्ष कार्डियोलाजी डिपार्टमेंट हमीदिया भोपाल











