भोपाल। राजधानी के श्वेताम्बर जैन मंदिरों में आत्म शुद्धि के महापर्व पर्युषण पर्व रविवार से शुरू हो रहे हैं। हर भगवान जिनेन्द्र के अभिषेक विशेष पूजा अर्चना के साथ अष्टानिका, कल्पसूत्र का व्याख्यान होगा। सिटी मंदिर में साध्वी अमीपूर्णा, अमीदर्शा, लब्धिपूर्णा के सानिध्य में अष्टान्हिका व्याखान सुबह नौ बजे से होगा।
श्वेतांबर मूर्तिपूजक संघ ट्रस्ट के अध्यक्ष राजेश तातेड़ ने बताया पर्युषण पर्व के दिनों में जैन धर्मावलंबी भौतिक सुख-सुविधाओं से दूर रहकर व्रत उपवास के साथ तप-त्याग-संयम की आराधना करते हैं। बुधवार को श्री पोथाजी का चल समारोह निकलेगा। गुरूवार को भगवान का जन्मोत्सव भक्तिभाव से मनाया जाएगा। प्रतिदिन अष्टानिका एवं कल्पसूत्र का व्याख्यान साध्वी संघ के मुखारबिंद से होगा। इसके साथ ही पाठशाला के बच्चों द्वारा प्रतिदिन जैन धर्म, जैन सिद्धांत को दर्शाती हुई नृत्य नाटिका का प्रस्तुतिकरण एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। इस बार दो पर्युषण पर्व हैं। 12 सितंबर से भादोवदी पर्युषण पर्व प्रारंभ होंगे। वहीं दूसरी ओर तुलसी नगर श्वेतांबर जैन मंदिर में प्रतिदिन भगवान आदिनाथ का विशेष श्रृंगार, धार्मिक अनुष्ठान होंगे। अध्यक्ष वीरेन्द्र कोठारी ने बताया कि विशेष प्रवचन माला के दौरान साध्वी संघ जीवन जीने की कला और इस भौतिक युग में आत्मशांति पर विशेष प्रवचन देंगे। अमीपूर्णा ने पयुर्षण पूर्व की बेला पर कहा आत्म के प्रदूषण को दूर करने का नाम पर्युषण है, क्रोध, मान, माया लोभ, कसाय आदि जो मनुष्य को पाप में लगाती हैं, उन्हें हम तब त्याग संयम की साधना के साथ आत्मशुद्धि के माध्यम से दूर करते हैं।











