भोपाल। कांग्रेस ने आगामी विधानसभा चुनाव के लिए लंबे इंतजार के बाद आखिरकार नवरात्र के पहले दिन अपने प्रत्याशियों की पहली सूची जारी कर दी। मप्र में 144 प्रत्याशियों का ऐलान किया गया है। इन प्रत्याशियों में दिग्विजय सिंह के छोटे भाई लक्ष्मण सिंह और पुत्र जयवर्धन सिंह का नाम भी शामिल है। लक्ष्मण सिंह चांचौड़ा और जयवर्धन सिंह राघौगढ़ से चुनाव मैदान में होंगे। वर्तमान में ये दोनों नेता इन्हीं सीटों से विधायक हैं। पार्टी ने इन्ही के नाम पर एक बार फिर दांव खेला है।
पांच बार सांसद और तीन बार विधायक रह चुके हैं लक्ष्मण सिंह
अपने भाई दिग्विजय सिंह की तरह लक्ष्मण सिंह भी लंबे समय से राजनीति में सक्रिय हैं। वह पांच बार लोकसभा सदस्य और तीन बार विधायक रह चुके हैं। फिलहाल वह गुना की चांचौड़ा सीट से विधायक हैं। उन्होंने 2004 में कांग्रेस छोड़ दी थी और भाजपा के टिकट पर राजगढ़ सीट से चुनाव लड़ते हुए 14वीं लोकसभा के सदस्य भी बने थे। लेकिन 2009 में हुए 15वीं लोकसभा के चुनाव में उन्हें इसी सीट पर पराजय का सामना करना पड़ा था। इसके बाद वह 2013 में पुन: कांग्रेस में लौट आए। इस विधानसभा चुनाव में उनकी भाजपा प्रत्याशी प्रियंका मीणा और आप की कैंडिडेट ममता मीणा से टक्कर है।
लगातार तीसरी बार राघौगढ़ से चुनाव मैदान में हैं जयवर्धन
दिग्विजय सिंह के पुत्र जयवर्धन सिंह की गिनती प्रदेश के प्रखर और जुझारू युवा कांग्रेस नेताओं में होती है। वह अपने परिवार की परंपरागत सीट राघौगढ़ से लगातार तीसरी बार चुनाव मैदान में होंगे। उन्होंने वर्ष 2013 में सक्रिय राजनीति में कदम रखा था और राघौगढ़ से चुनाव लड़ते हुए पहली बार विधानसभा में पहुंचे थे। उन्होंने उस चुनाव में रिकार्ड मतों से जीत हासिल की थी। 2018 के चुनाव में वह इसी क्षेत्र से लगातार दूसरी बार लगभग 45 हजार मतों से जीते और कमल नाथ सरकार में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री बने। वह क्षेत्र में 'बाबा साहब' के उपनाम से प्रसिद्ध हैं। इस चुनाव में उनका मुख्य मुकाबला भाजपा प्रत्याशी हीरेंद्र सिंह बंटी से है, जो ज्योतिरादित्य सिंधिया के खास माने जाते हैं। 2020 में ज्योतिरादित्य सिंधिया ने जब कांग्रेस छोड़ी थी, तो हीरेंद्र भी उनके साथ भाजपा में शामिल हो गए थे। हीरेंद्र सिंह के पिता मूल सिंह दादाभाई कांग्रेस से दो बार 1985 और 2008 में विधायक रहे थे।











