संसद की सुरक्षा में चूक, व्यक्ति अंदर घुसा:रेलभवन के पास से दीवार कूदी, कल ही मानसून सत्र खत्म हुआ था

संसद की सुरक्षा में चूक, व्यक्ति अंदर घुसा:रेलभवन के पास से दीवार कूदी, कल ही मानसून सत्र खत्म हुआ था

संसद भवन की सुरक्षा में गुरुवार को सेंध का मामला सामने आया। एक व्यक्ति दीवार कूदकर संसद भवन में घुस गया और गरुड़ द्वारा तक पहुंच गया। सुरक्षा कर्मियों ने उसे तुरंत दबोच लिया। अब उससे पूछताछ की जा रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आरोपी सुबह 6.30 बजे रेलभवन के पास सीढ़ी लगाकर दीवार पर चढ़ा और कूदकर अंदर घुसा। हालांकि, घटना के समय संसद में कोई सांसद मौजूद नहीं था। संसद का मानसून सत्र गुरुवार को खत्म हो गया था और राज्यसभा और लोकसभा को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया था।

एक साल पहले 16 अगस्त 2024 को भी एक युवक दोपहर में दीवार फांदकर संसद परिसर में घुस गया था। वहां तैनात सेंट्रल इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स (CISF) के जवानों ने उसे पकड़कर पुलिस को सौंप दिया था।

16 अगस्त 2024- एक मानसिक बीमार युवक संसद में घुसा था

संसद भवन की सुरक्षा में 16 अगस्त 2024 को बड़ी चूक सामने आई थी। दोपहर करीब 2:45 बजे एक युवक इम्तियाज खान मार्ग की तरफ से दीवार फांदकर संसद एनेक्सी भवन के कैंपस में कूद गया था। वहां मौजूद सेंट्रल इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स (CISF) के जवानों ने तुरंत उसे पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया।

आरोपी युवक शॉर्ट्स और टी-शर्ट पहने हुए था। उसकी कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर भी सामने आईं, जिनमें CISF के जवान उसे पकड़कर ले जाते दिख रहे थे। घटना के बाद पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और युवक को थाने ले जाकर पूछताछ की।

पुलिस ने बताया कि युवक मानसिक रूप से अस्वस्थ लगता है और वह अपना नाम भी सही से नहीं बता पा रहा था। बाद में उसकी पहचान उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ निवासी मनीष के रूप में हुई। उसके पास से कोई आपत्तिजनक सामान नहीं मिला।

13 दिसंबर 2023 को संसद पर आतंकी हमले की 22वीं बरसी पर नए संसद भवन की विजिटर्स गैलरी से बैठे 2 युवकों ने अपने जूतों से छिपा पीला स्प्रे भवन में फैला दिया था। पूरे सदन में भगदड़ मच गई थी।

ये लोग 5 लेयर की सुरक्षा तोड़कर लोकसभा में घुसे थे और हंगामा किया था। वहीं, इनके दो अन्य साथियों को संसद के बाहर प्रदर्शन करते हुए सिक्योरिटी ने पकड़ा था। 

13 दिसंबर 2001 को संसद पर हमला हुआ था

13 दिसंबर 2001 को संसद में विंटर सेशन चल रहा था। महिला आरक्षण बिल पर हंगामे के बाद 11:02 पर सदन को स्थगित कर दिया गया। इसके बाद उस समय के प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और विपक्ष की नेता सोनिया गांधी संसद से जा चुके थे।

करीब साढ़े 11 बजे उपराष्ट्रपति के सिक्योरिटी गार्ड उनके बाहर आने का इंतजार कर रहे थे और तभी सफेद एंबेसडर में सवार 5 आतंकी गेट नंबर-12 से संसद के अंदर घुस गए। उस समय सिक्योरिटी गार्ड निहत्थे हुआ करते थे।

ये सब देखकर सिक्योरिटी गार्ड ने उस ऐंबैस्डर कार के पीछे दौड़ लगा दी। तभी आतंकियों की कार उपराष्ट्रपति की कार से टकरा गई। घबराकर आतंकियों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। आतंकियों के पास AK-47 और हैंडग्रेनेड थे, जबकि सिक्योरिटी गार्ड निहत्थे थे। 


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