पंजाब में पंचायत चुनाव पर रोक नहीं लगा सकते... सुप्रीम कोर्ट ने क्यों कही ये बात

पंजाब में पंचायत चुनाव पर रोक नहीं लगा सकते... सुप्रीम कोर्ट ने क्यों कही ये बात
नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब में पंचायत चुनाव पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। पंजाब में मंगलवार को पंचायत चुनाव के लिए मतदान हुआ। वोटिंग के समय ही मंगलवार को इस मामले को चीफ जस्टिस के सामने उठाया गया और चुनाव पर रोक लगाने की मांग की गई। चीफ जस्टिस ने कहा कि अगर अदालतें वोटिंग वाले दिन ही चुनाव पर रोक लगानी शुरू कर दी तो फिर इससे अराजकता की स्थिति पैदा हो जाएगी।

सीजेआई की बेंच ने की सुनवाई


सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली बेंच के सामने यह मामला उठाया गया था। मंगलवार को सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस की बेंच ने कहा कि अगर मंगलवार को मतदान शुरु हो चुका है तो हम इसमें कैसे दखल दे सकते हैं? हाई कोर्ट को संभवत: इसकी गंभीरता का अंदाजा होगा और उसने चुनाव पर लगी रोक हटा दी। अगर हम वोटिंग के दिन इसमें दखल देंगे तो अराजकता पैदा हो जाएगी।

हाई कोर्ट के फैसले को दी थी चुनौती


हालांकि उच्चतम न्यायालय पंजाब में पंचायत चुनावों को अनुमति देने वाले पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई के लिए राजी हो गया। पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण फैसला देते हुए हाल में पंचायत चुनावों को रद्द करने का अनुरोध करने वाली करीब 1,000 याचिकाओं को खारिज कर दिया था। इससे पहले, उच्च न्यायालय ने चुनाव प्रक्रिया पर रोक लगा दी थी। जिसके बाद यह मामला सुप्रीम कोर्ट के सामने आया है।

सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव पर रोक से इनकार कर दिया।


सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता से कहा कि आप चुनाव रिजल्ट को कभी भी चुनौती दे सकते हैं। चुनाव में वोटिंग के दौरान उस पर रोक से अराजकता होगी। यह लोकतंत्र के लिए सही नहीं है हमें चुनाव की महत्ता को समझना होगा। हम इस पर कोई अंतरिम आदेश नहीं देंगे और कोई अंतरिम रोक नहीं लगाएंगे। हम मामले को सुनवाई के लिए लिस्ट करेंगे।
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