पद्मश्री दर्शनम मोगिलैया मजदूरी करते दिखे : बोले- कर्नाटक सरकार से मिले 1 करोड़ खर्च, मानदेय मिलना भी बंद

पद्मश्री दर्शनम मोगिलैया मजदूरी करते दिखे : बोले- कर्नाटक सरकार से मिले 1 करोड़ खर्च, मानदेय मिलना भी बंद

दुर्लभ म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट 'किन्नेरा' का आविष्कार करने वाले पद्मश्री दर्शनम मोगिलैया आर्थिक समस्याओं से जूझ रहे हैं। हाल ही में उन्हें हैदराबाद में एक कंस्ट्रक्शन साइट पर मजदूरी करते हुए देखा गया। 73 साल के दर्शनम को साल 2022 में तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने पद्मश्री से सम्मानित किया था।

दर्शनम ने कहा कि सरकार से मिलने वाले हर महीने 10 हजार रुपए बंद हो गए हैं। उनकी और उनके बेटे की दवाई का खर्च ही 7 हजार रुपए महीना है। परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए उन्होंने किन्नेरा बजाना छोड़ दिया है।

 कर्नाटक सरकार ने भी उन्हें सम्मान के तौर पर 1 करोड़ रुपए दिए थे, जो उनके बच्चों की शादी और अन्य जरूरतों में खर्च हो गए। कुछ दिनों पहले उन्होंने हैदराबाद के बाहर एक प्लॉट खरीदा था। इस पर मकान बनाना भी शुरू कर दिया था, लेकिन पैसे की कमी के कारण यह काम रोक दिया।

दर्शनम बोले- सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटे, किसी ने मदद नहीं की
9 बच्चों के पिता दर्शनम की पत्नी का निधन 4 साल पहले हो गया था। दर्शनम ने कहा- उन्होंने काम के लिए कई लोगों से कॉन्टैक्ट किया। इस पर कुछ लोगों ने उनके प्रति हमदर्दी जताई। कुछ लोगों ने उन्हें कुछ पैसे भी उधार दिए थे। इन सब के बावजूद उनकी आर्थिक स्थिति नहीं सुधरी।

दर्शनम ने यह भी कहा है, 'मेरी और मेरे बेटे की तबीयत खराब रहती है। सिर्फ दवाओं के लिए मुझे 7 हजार रुपए हर महीने चाहिए होते हैं। इसके बाद मेडिकल टेस्ट का खर्चा अलग होता है। दर्शनम की आर्थिक स्थिति तब और खराब हो गई, जब सरकार से उन्हें प्रतिमाह 10 हजार रुपए का मिलने वाला मानदेय बंद कर दिया गया। दर्शनम ने इसे लेकर सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटे। सभी ने मदद करने का भरोसा दिया, लेकिन असल में कोई मदद नहीं की।

BRS नेता ने की मदद
भारतीय राष्ट्र समिति (BRS) नेता केटी रामा राव ने दर्शनम की मदद करने की बात कही है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा- मैं दर्शनम की फैमिली का ध्यान रखूंगा। मेरी टीम उनके संपर्क में है।


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