रायपुर । राजधानी सहित प्रदेशभर में विधानसभा चुनाव का सीधा असर राजस्व मामलों पर देखने को मिल रहा है। कलेक्टर न्यायालय हो या एसडीएम या तहसील सभी जगहों पर मामले लंबित हैं। अकेले रायपुर जिले में 12 हजार से ज्यादा राजस्व मामले लंबित हैं। राजस्व विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में 12,005 राजस्व मामले विभिन्न न्यायालयों में लंबित हैं। इसका प्रमुख कारण चुनावी कार्यों में तहसीलदार, एसडीएम सहित अन्य राजस्व अधिकारियों की ड्यूटी रही।
आचार संहिता लगने से पहले से ही तहसील कार्यालय के ज्यादातर अधिकारी-कर्मचारी निर्वाचन कार्यों में लगे रहे। इसके बाद ईवीएम की कमिशनिंग से लेकर प्रशिक्षण सहित अन्य कार्यों के अलावा मतदान करवाने की जिम्मेदारी भी इन्हीं को सौंपी गई। इसकी वजह से ज्यादातर तहसीलदार, एसडीएम सहित अन्य जिम्मेदार अपनी अदालत में नहीं बैठ पाए और मामलों की पेंडेंसी बढ़ती गई। मतदान के बाद अब सोमवार से सभी अधिकारी-कर्मचारी अपने-अपने कार्यालयों में वापस लौटेंगे और इसके बाद मामलों का समय पर निराकरण किया जाना संभव हो सकेगा।
