महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रयासों से एक वर्षीय बालिका बनी प्रेरणा

महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रयासों से एक वर्षीय बालिका बनी प्रेरणा
गंभीर कुपोषण से स्वस्थ जीवन की ओर बढ़ी नन्ही शान्वी

रायपुर, 19 मई 2026/महिला एवं बाल विकास विभाग की सतत निगरानी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की मेहनत और परिवार के सहयोग से बीजापुर जिले के विकासखंड भोपालपटनम के ग्राम पीलूर की एक वर्षीय बालिका शान्वी मड़े ने गंभीर कुपोषण को मात देकर सामान्य श्रेणी में स्थान प्राप्त किया है। शान्वी की यह सफलता क्षेत्र के अन्य परिवारों के लिए भी प्रेरणादायक बन गई है।
शान्वी की माता श्रीमती सरिता मड़े ने बताया कि बच्ची का स्वास्थ्य काफी कमजोर था और उसका वजन उम्र के अनुसार बहुत कम था। जांच में शान्वी गंभीर कुपोषण से पीड़ित पाई गई। उस समय उसका वजन 7.900 किलोग्राम था।
स्थिति को गंभीर देखते हुए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने लगातार घर-घर जाकर परिवार को संतुलित आहार, स्तनपान, पूरक पोषण और नियमित स्वास्थ्य जांच के महत्व के बारे में समझाया। प्रारंभ में परिवार बच्ची को पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) ले जाने के लिए तैयार नहीं था, लेकिन लगातार समझाइश और मार्गदर्शन से परिवार सहमत हुआ।
परियोजना अधिकारी श्रीमती कल्पना रथ और सेक्टर सुपरवाइजर कु. उजाला बंजारे ने भी परिवार से मुलाकात कर आवश्यक परामर्श दिया। इसके बाद  विगत 2 अप्रैल को शान्वी को एनआरसी में भर्ती कराया गया, जहां उसे चिकित्सकीय देखरेख, विशेष पोषण आहार और आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया गया।
एनआरसी में उपचार और घर लौटने के बाद नियमित देखभाल तथा सही पोषण मिलने से शान्वी के स्वास्थ्य में तेजी से सुधार हुआ। वर्तमान में उसका वजन बढ़कर 9.200 किलोग्राम हो गया है तथा उसकी ऊंचाई 70.2 सेंटीमीटर दर्ज की गई है। अब शान्वी पूरी तरह सामान्य श्रेणी में पहुंच चुकी है।
शान्वी की यह कहानी बताती है कि समय पर पहचान, सही उपचार, पोषण संबंधी जागरूकता और परिवार के सहयोग से कुपोषण जैसी समस्या पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।
*स्वस्थ बचपन, खुशहाल भविष्य*
शान्वी की सफलता आज पूरे क्षेत्र के लिए एक सकारात्मक संदेश बन गई है कि सही देखभाल और पौष्टिक आहार से हर बच्चा स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य की ओर बढ़ सकता है।
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