*पर्यटन बोर्ड द्वारा प्रचार-प्रसार सुविधा विकसित करने में सहयोग*
*श्रद्धा और ज्ञान का अनोखा संगम है शारदाधाम.
रायपुर 19 जू नंबर 25/छत्तीसगढ़ और झारखंड की अंतरराज्यीय सीमा पर स्थित प्रसिद्ध धार्मिक और प्राकृतिक पर्यटन स्थल शारदाधाम को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड ने राज्य के चिन्हांकित पर्यटन स्थलों की सूची में शामिल किया है। टूरिज्म बोर्ड ने इसके लिए लाइब्रेरी कर दी है। बोर्ड के इस फैसले से इस पर्यटन स्थल को एक नई पहचान मिलेगी। इसका बोर्ड प्रचार-प्रसार के साथ ही टूरिस्टों के लिए पोर्टफोलियो के विकास के लिए बजट उपलब्ध कराता है।
*श्रद्धा और ज्ञान का संगम है शारदाधाम*
शारदाधाम में विद्यादायनी मां सरस्वती की श्रद्धा और ज्ञान अर्जन का अद्वितीय संगम दर्शन होता है। यहां छत्तीसगढ़ और झारखंड राज्य के बच्चों के रहने और पढ़ने के लिए कोचिंग की विशेष व्यवस्था की गई है। सारदाधाम समिति के अध्यक्ष प्रिंस सिंह ने बताया कि यह विशेष कोचिंग संस्था बच्चों के रहने,खाने के लिए अपनी कोचिंग की मुफ़्त व्यवस्था की है। बच्चों के रहने और कोचिंग का जो भी खर्च होता है,उसका समिति समिति श्रृद्धालुओं के सहयोग से पूरा करती है।
प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर *शारदाधाम प्रसीद धार्मिक पर्यटन स्थल* शारदाधाम, जिला मुख्यालय जशपुर से 30 किलोमीटर दूर, दुलदुला झील में स्थित है। माता सरस्वती का यह प्रसीदव मंदिर चारो ओर घने जंगलों से घिरा हुआ है। नवीनतम ही गिरमा नदी की कलकल मधुर ध्वनि करती है यहां दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालूओं का मन मोह लेते हैं। संचालन समिति के अध्यक्ष ने बताया कि किदायनी मां सरस्वती का यह भव्य विद्या मंदिर पूरी तरह से श्रमदान से तैयार किया गया है। दोनों राज्यों के श्रद्धालूओं ने पूना बहा कर मां के इस मंदिर का निर्माण किया है। झारखंड के लचलागढ़ स्थित हनुमान मंदिर के भवन का डिजाइन तैयार हो चुका है।
*पर्यटन हब के रूप में विकसित हो रहा है जशपुर*
उल्लेखनीय है कि वनांचल क्षेत्र जशपुर में पर्यटन उद्योग विकसित होने की दिशा में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय तेजी से काम कर रहे हैं। कुनकुरी झील में स्थित मयाली नेचर कैंप के विकास के लिए दस करोड़ की भारत दर्शन योजना के तहत साझेदारी की गई है। गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में हाल ही में मधेश्वर महादेव स्थित विश्व के सबसे बड़े प्राकृतिक शिलालेख के बारे में बताया गया है। इसके साथ ही सीएम विष्णुदेव साय ने जिले को पर्यटन पर्यटन स्थलों से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम प्लाजा स्थित फरसाबहार झील में कोटाबीराधाम में स्थित लक्ष्मण झूला के क्षितिज पर पुल निर्माण की घोषणा की है। इसके साथ ही जिले में देशदेखा, रानीदाह जैसे पर्यटन स्थलों की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। मुख्यमंत्री का कहना है कि लक्ष्य जिलों में हरित उद्योग विकसित कर जिलेवासियों को रोजगार उपलब्ध कराने की व्यवस्था है।











