भोपाल। पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर 25 सितंबर को भोपाल में कार्यकर्ता महाकुंभ आयोजित किया जाएगा। दो सितंबर से निकाली जाने वाली जन आशीर्वाद यात्रा 25 सितंबर को भोपाल पहुंचेगी, जहां इसका समापन होगा। भोपाल के जंबूरी मैदान में होने वाले कार्यकर्ता महाकुंभ को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी संबोधित करेंगे। कार्यकर्ता महाकुंभ के आयोजन को लेकर गुरुवार को प्रदेश चुनाव प्रबंधन समिति के प्रदेश संयोजक नरेंद्र सिंह तोमर, सह चुनाव प्रभारी अश्विनी वैष्णव ने बैठक ली। बैठक में आयोजन की तैयारियों को लेकर कार्ययोजना बनाई गई। तोमर और वैष्णव ने संभाग और जिला स्तर पर भी आयोजन में कार्यकर्ताओं को जुटाने की जिम्मेदारी देने के निर्देश दिए।
कार्यकर्ताओं से सदस्यता अभियान में जुटने का आह्वान
तोमर ने कहा कि ग्वालियर से शुरू सदस्यता अभियान 230 विधानसभाओं में चलाया जा रहा है। सदस्यता अभियान में अलग-अलग स्तर पर जुट जाएं, स्कूल-कालेज में विद्यार्थियों को भाजपा की विचारधारा से अवगत कराएं और उन्हें पार्टी से जोड़ने का काम करें। बैठक में मंत्री भूपेंद्र सिंह, विश्वास सारंग, पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा, प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद, रामेश्वर शर्मा और आलोक शर्मा उपस्थित थे।
10 लाख कार्यकर्ताओं को जुटाने का लक्ष्य
कार्यकर्ता महाकुंभ में 10 लाख कार्यकर्ताओं को जुटाने का लक्ष्य रखा गया है। तोमर और वैष्णव ने कहा कि महाकुंभ भोपाल में आयोजित होना है, इसलिए भोपाल के पार्टी पदाधिकारियों की जिम्मेदारी महत्वपूर्ण है। उन्होंने आपस में बैठक कर कार्यक्रम की तैयारियों की कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। महाकुंभ में प्रदेशभर से 10 लाख कार्यकर्ताओं को लाने का लक्ष्य रखा गया है। कार्यकर्ताओं को लाने के लिए बसों की व्यवस्था, भोपाल पानी की व्यवस्था के लिए भी जिम्मेदारी सौंपी गई है। महाकुंभ में नवमतदाताओं को भी लाने की बात कही गई।
ग्वालियर में तय हुई थी महाकुंभ की रूपरेखा
जन आशीर्वाद यात्रा और कार्यकर्ता महाकुंभ की रूपरेखा ग्वालियर में अमित शाह की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में तय की गई थी। बैठक में साफ कर दिया गया था कि सितंबर माह के पहले सप्ताह में प्रदेश के पांच स्थानों से यह जन आशीर्वाद यात्रा निकलेगी जो 25 सितंबर को भोपाल पहुंचेगी। यहां प्रधानमंत्री मोदी जनसभा को संबोधित करेंगे। यह जन आशीर्वाद यात्रा ग्वालियर-चंबल अंचल में ग्वालियर शहर से, महाकोशल में जबलपुर, मालवा में उज्जैन, खंडवा व रीवा से एक साथ निकाली जाएंगी। एक-एक यात्रा को करीब 40 से ज्यादा विधानसभा क्षेत्र कवर करने हैं, जिससे चुनाव से पहले ज्यादा से ज्यादा लोगों से संवाद किया जा सके।











