डिप्लोमा कालेज में पेपर बेचने का आरोप
इस वीडियो के सामने आने के बाद एनएसयूआई जिला अध्यक्ष अक्षय तोमर के नेतृत्व मे एनएसयूआइ ने प्रदर्शन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि विवि प्रशासन प्राध्यापक को बचाने का काम कर रही है। एनएसयूआइ महासचिव आदित्य सोनी ने बताया कि जिस प्रकार से पांच-पांच हजार रुपये में आरजीपीवी डिप्लोमा कालेज में पेपर बेचे जा रहे हैं। इससे यह स्पष्ट हो गया है कि प्रदेश की एक मात्र तकनीकी विश्वविद्यालय में कभी प्रश्नपत्र वायरल तो कभी मूल्यांकन के नाम पर पैसे लेकर पास करवाने का मामले सामने आना आम बात हो गई है।
मामले की निष्पक्ष जांच एजेंसी से करवाने की मांग
इसे देखते हुए विवि के कुलपति सुनील गुप्ता को ज्ञापन सौंपा गया। उनसे पांच सूत्रीय मांग की गई है, जिसमें मुख्य रूप से आरोपित प्राध्यापक सहित जिम्मेदार प्राचार्य को भी पदमुक्त करने, दोषी प्राध्यापकों पर एफआइआर करवाने एवं उक्त मामले की जांच निष्पक्ष जांच एजेंसी से करवाने की हैं। एनएसयूआइ को कुलपति ने सात कार्य दिवस में जांच पूरी करवाने का आश्वासन दिया। एनएसयूआइ का कहना है कि यदि मांगों पर तत्काल प्रभाव से विश्वविद्यालय प्रशासन निर्णय नहीं लेता तो चरणबद्ध आंदोलन करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।











