अब बदमाशों के लिए छुपना नहीं होगा आसान, एआइ तकनीक वाले कैमरों से होगी शहर की निगरानी, सिस्टम होगा अपग्रेड

अब बदमाशों के लिए छुपना नहीं होगा आसान, एआइ तकनीक वाले कैमरों से होगी शहर की निगरानी, सिस्टम होगा अपग्रेड
भोपाल। संचार क्रांति के इस युग में एक और नया प्रयोग होने जा रहा है। राजधानीवासियों की सुरक्षा व्यवस्था को और ज्यादा मजबूत करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ ) तकनीक से लैस कैमरे लगाने की तैयारी हो रही है। इसके लिए मानीटरिंग सिस्टम को अपग्रेड किया जाएगा। एआइ साफ्टवेयर की मदद से पहले इन कैमरों को रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और भीड़भाड़ वाले बाजारों में लगाया जाएगा। इसको लेकर एक प्रस्ताव पुलिस कमिश्नरेट में तैयार हो रहा है। हालांकि अभी इसमें थोड़ा वक्त लगेगा।


अभी लगे हैं ये सीसीटीवी कैमरे

हम बता दें कि की राजधानी में अभी 153 स्थानों पर 781 सीसीटीवी कैमरे काम कर रहे हैं। इसमें पीटीजेड, एएनपीआर और फिक्स कैमरे शामिल हैं। इसके अलावा आइटीएमएस के कैमरे भी काम कर रहे हैं। ये कैमरे अभी शहर के वाहनों की नंबर प्लेट का पढ़ते हैं। हालांकि अभी इन कैमरों का उपयोग स्थानीय पुलिस किसी आपराधिक वारदात के बाद बदमाशों की तलाश करने के लिए करती है।

बदमाशों की पहचान करना होगा आसान

आने वाले समय में शहर में जो नए सीसीटीवी लगाए जाएगे। उसमें एआइ तकनीक का उपयोग किया जाएगा। इसमें फेस रिकग्निशन तकनीकी के माध्यम से बदमाश के चेहरे का स्कैन किया जाएगा। इसके बाद बदमाश बच नहीं पाएगे। एक बार इन कैमरों में आने के बाद उसकी फोटो इसी तकनीक के अन्य कैमरों में भी लग जाएगी। पुलिस कमिश्नर हरिनारायणचारी मिश्र का कहना है कि आने वाले समय में इसी तकनीक के कैमरे लगाए जाएगे।

ढाई करोड़ के कैमरे लगाए जा रहे

इधर, शहर के आउटर के 16 स्थानों पर बाहर और अंदर आने वाले मार्ग पर 94 कैमरे लगाने की तैयारी है। इन स्थानों पर फिक्स और एनपीएआर कैमरे लगाए जा रहे हैं। जिसकी लागत करीब ढाई करोड़ आएगी। इसके लिए जल्द ही टेंडर प्रक्रिया शुरु होने वाली है।
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