नीरज चोपड़ा तो क्या रोहित यादव भी पड़े अरशद नदीम पर भारी, पूरा पाकिस्तान हुआ शर्मसार, दुआ भी काम न आई!

नीरज चोपड़ा तो क्या रोहित यादव भी पड़े अरशद नदीम पर भारी, पूरा पाकिस्तान हुआ शर्मसार, दुआ भी काम न आई!
नई दिल्ली: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की पुरुष जेवलिन थ्रो प्रतियोगिता में सभी की नजरें भारत के नीरज चोपड़ा और पाकिस्तान के अरशद नदीम पर थी। भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए एक बार फिर दुनिया को अपनी ताकत दिखाई। ग्लासगो में हुए फाइनल मुकाबले में भारत के स्टार खिलाड़ी नीरज चोपड़ा ने सिल्वर मेडल जीता, वहीं उनके साथी यश वीर सिंह ने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। खास बात यह रही कि इस मुकाबले में भारत के युवा भाला फेंक खिलाड़ी रोहित यादव ने भी पाकिस्तान के दिग्गज एथलीट अरशद नदीम को पीछे छोड़ दिया।

रोहित यादव ने अरशद नदीम का पछाड़ा

नीरज चोपड़ा और अरशद नदीम के बीच मुकाबला देखने के लिए सभी बेकरार थे। लेकिन अबकी बार पाकिस्तानी थ्रोअर की चमक फीकी पड़ती नजर आई। भारत के रोहित यादव ने ही उन्हें पीछे छोड़ दिया। रोहित 81.56 मीटर का थ्रो कर छठे स्थान पर जगह बनाई, जबकि अरशद केवल 77.41 मीटर का थ्रो कर पाए और 8वें स्थान पर रहे। ये दूरी उन्होंने दूसरे प्रयास में हासिल की थी। उनका पहली कोशिश फाउल रही थी, तीसरे थ्रो में सिर्फ 75.39 मीटर ही फेंक सके।

2 साल में बिगड़ी लय

अरशद नदीम ने पिछले कुछ वर्षों में शानदार प्रदर्शन किया है और वह ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट भी हैं। पेरिस ओलंपिक में उन्हेंने 92.97 मीटर के थ्रो से एशियाई रिकॉर्ड अपने नाम किया। ऐसे में उनसे बड़े प्रदर्शन की उम्मीद थी, लेकिन ग्लासगो में वह अपनी क्षमता के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सके। भारत के 3 खिलाड़ियों ने इस मुकाबले में अरशद नदीम से बेहतर प्रदर्शन किया, जिससे भारतीय फैंस के बीच खुशी का माहौल है। जबकि पाकिस्तान में निराशा छा गई है।

नीरज का सिल्वर और यशवीर का ब्रॉन्ज

इसके साथ ही आपको बता दें कि जेवलिन थ्रो फाइनल में श्रीलंका के रुमेश थारंगा पथिरागे ने 89.75 मीटर के शानदार थ्रो के साथ गोल्ड मेडल जीता। वहीं नीरज एक बार फिर बड़े मंच पर अपनी निरंतरता साबित करने में सफल रहे।ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट नीरज ने दबाव भरे मुकाबले में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए देश को गौरवान्वित किया। उन्होंने 85.83 मीटर का सीजन बेस्ट थ्रो करते हुए सिल्वर मेडल हासिल किया। भारत के ही यश वीर सिंह ने 85.41 मीटर का थ्रो कर ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। इस तरह भारत ने पोडियम पर 2 स्थान हासिल कर दुनिया को अपनी ताकत दिखाई।
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