मियां मांशा ने कहा कि भारत में विदेशी कंपनियां कतार लगाए खड़ी हैं। इसकी वजह यह है कि भारत ने कड़े सुधार लागू किए और निवेशकों तथा निवेश को जमकर मदद दी है। उन्होंने कहा, 'इसके विपरीत पाकिस्तान में हम देखते हैं कि विदेशी निवेशक भाग रहे हैं। इसकी वजह यह है कि यहां पर कोई भी कानून का शासन नहीं है। कोई भी कांट्रैक्ट की बातों को नहीं मानता है। श्रीलंका इसी तरह के संकट से निकल गया है क्योंकि वहां पर देश में कानून और कॉन्ट्रैक्ट का सम्मान है। कोई यहां पर क्यों निवेश करेगा जब उसे ज्यादा अच्छा और ज्यादा आकर्षक जगह पर निवेश करने का विकल्प मौजूद है।'
टॉवेल बेचकर नहीं, भारत की राह पर चलकर मिलेगी कंगाली से राहत, पाकिस्तानी 'अंबानी' ने शहबाज को धो डाला
इस्लामाबाद: पाकिस्तान की शहबाज सरकार ने अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष से कर्ज मिलने की उम्मीदों के बीच देश के बजट को पेश कर दिया है। हालांकि अभी आईएमएफ से कर्ज मिलने के आसार दूर-दूर तक नजर नहीं आ रहे हैं। इस बीच पाकिस्तान के अंबानी कहे जाने वाले अरबपति बिजनसमैन मियां मांशा ने शहबाज सरकार को जमकर सुना दिया है। पाकिस्तान के शीर्ष निर्यातकों में शामिल मियां मांशा ने कहा कि कोई भी देश केवल टॉवेल बेचकर अपने विदेशी मुद्राभंडार को नहीं बढ़ा सकता है। उन्होंने कहा कि मुद्रा भंडार को बढ़ाने के लिए विदेशी निवेश को बढ़ाना होगा जैसे भारत साल 1991 के बाद से ही लगातार कर रहा है। उन्होंने भारत की जमकर तारीफ की और कहा कि पाकिस्तान के विपरीत हिंदुस्तान केवल एक बार आईएमएफ से कर्ज मांगने गया और फिर उसे इसकी जरूरत नहीं पड़ी।
मियां मांशा ने कहा कि भारत में विदेशी कंपनियां कतार लगाए खड़ी हैं। इसकी वजह यह है कि भारत ने कड़े सुधार लागू किए और निवेशकों तथा निवेश को जमकर मदद दी है। उन्होंने कहा, 'इसके विपरीत पाकिस्तान में हम देखते हैं कि विदेशी निवेशक भाग रहे हैं। इसकी वजह यह है कि यहां पर कोई भी कानून का शासन नहीं है। कोई भी कांट्रैक्ट की बातों को नहीं मानता है। श्रीलंका इसी तरह के संकट से निकल गया है क्योंकि वहां पर देश में कानून और कॉन्ट्रैक्ट का सम्मान है। कोई यहां पर क्यों निवेश करेगा जब उसे ज्यादा अच्छा और ज्यादा आकर्षक जगह पर निवेश करने का विकल्प मौजूद है।'
मिया मांशा ने कहा, 'हमें अपने पड़ोसी देशों के साथ चीजों को दुरुस्त करना होगा। जो चीजें रोक रहीं हैं, उन्हें दूर करना होगा। एक बार दूसरे देश से लोग व्यापार और पर्यटन के लिए आते हैं, तो मैं समझता हूं कि दरवाजें खुलने शुरू हो जाएंगे। बता दें कि भारत और पाकिस्तान के बीच कश्मीर में अनुच्छेद 370 के खत्म किए जाने के बाद से ही ठप है। पाकिस्तान ने मोदी सरकार के कदम के विरोध में व्यापार को बंद करने का ऐलान कर दिया था। अब खुद पाकिस्तानी दिग्गज इसे फिर से शुरू करने की मांग कर रहे हैं। मियां मांशा ने कहा कि केवल सीमेंट बेचकर हम भारत से काफी कमाई कर सकते हैं।
मियां मांशा ने कहा कि भारत में विदेशी कंपनियां कतार लगाए खड़ी हैं। इसकी वजह यह है कि भारत ने कड़े सुधार लागू किए और निवेशकों तथा निवेश को जमकर मदद दी है। उन्होंने कहा, 'इसके विपरीत पाकिस्तान में हम देखते हैं कि विदेशी निवेशक भाग रहे हैं। इसकी वजह यह है कि यहां पर कोई भी कानून का शासन नहीं है। कोई भी कांट्रैक्ट की बातों को नहीं मानता है। श्रीलंका इसी तरह के संकट से निकल गया है क्योंकि वहां पर देश में कानून और कॉन्ट्रैक्ट का सम्मान है। कोई यहां पर क्यों निवेश करेगा जब उसे ज्यादा अच्छा और ज्यादा आकर्षक जगह पर निवेश करने का विकल्प मौजूद है।'











