काठमांडू: चीन के बढ़ते दबाव के बीच नेपाल की सरकार अब बेल्ट एंड रोड परियोजना की ओर आगे बढ़ती दिख रही है। नेपाल के विदेश मंत्री के चीन दौरे के बाद चीन को लेकर रुख में बदलाव होता दिख रहा है। नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल प्रचंड के विदेश मामलों के सलाहकार रुपक सापकोटा ने कहा है कि नेपाल को बीआरआई की तरफ बढ़ना चाहिए और इसके तहत छोटे प्रॉजेक्ट को चुनना चाहिए। उन्होंने कहा कि नेपाल बीआरआई समझौते को क्रियान्वित करने के लिए इसे अंतिम रूप देने में जुटा हुआ है। नेपाल चाहता है कि विभिन्न प्रॉजेक्ट पर हस्ताक्षर करने और उसका विकास करने के लिए समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए आगे बढ़ना चाहता है।
नेपाली पीएम के सलाहकार ने काठमांडू पोस्ट अखबार से बातचीत में कहा कि चीन बीआरआई सदस्य होने के नाते तकनीक के ट्रांसफर के लिए तैयार है। नेपाल में बीआरआई प्रॉजेक्ट के आगे नहीं बढ़ने पर उन्होंने कहा कि हमारे देश में बड़े प्रॉजेक्ट को पूरा करने के लिए क्षमता नहीं है। उन्होंने कहा कि बीआरआई के ताजा एक्शन प्लान में छोटे प्रॉजेक्ट को भी शामिल किया गया है। चीन ने नेपाल में दो एयरपोर्ट बनाए हैं भैरवा और पोखरा लेकिन दोनों ही सफेद हाथी साबित हुए हैं। यहां पर कोई भी अंतरराष्ट्रीय उड़ान संचालित नहीं हो रही है। इस पर रुपक ने सफाई दी कि चीन इस दिशा में काम कर रहा है।
चीन के बीआरआई जाल में फंसने जा रहा नेपाल! पीएम प्रचंड के सलाहकार ने दिया बड़ा बयान, भारत पर क्या बोले?











