रियलिटी शोज जहां एक ओर नई प्रतिभाओं को मंच प्रदान करते हैं, तो वहीं दूसरी तरफ उन पर ये आरोप भी लगते हैं कि प्रतिस्पर्धा के कारण उनका बचपन और मासूमियत प्रभावित हो जाती है, आप क्या कहना चाहेंगी?
देखिए, आप जिंदगी में जो भी काम करें, उसके पीछे की नीयत मायने रखती है। अगर आप महज फेमस होने के लिए इस तरह के शोज का हिस्सा बनना चाहते हैं, तो आपको अलग परिणाम मिलेंगे। लेकिन यदि आप पूरी तैयारी से कुछ बनने आए हैं, तो फिर उसका रिजल्ट कुछ और होगा। ये आप पर निर्भर करता है कि आप क्या ढूंढ रहे हैं। अगर आपको कुछ बनना है, तो रोज नई चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा।
देखिए, आप जिंदगी में जो भी काम करें, उसके पीछे की नीयत मायने रखती है। अगर आप महज फेमस होने के लिए इस तरह के शोज का हिस्सा बनना चाहते हैं, तो आपको अलग परिणाम मिलेंगे। लेकिन यदि आप पूरी तैयारी से कुछ बनने आए हैं, तो फिर उसका रिजल्ट कुछ और होगा। ये आप पर निर्भर करता है कि आप क्या ढूंढ रहे हैं। अगर आपको कुछ बनना है, तो रोज नई चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा।
आप अपने माता-पिता के काफी करीब हैं। आपकी मां ने ही आपका कन्यादान भी किया?
मेरी मां बहुत सशक्त महिला हैं। मेरी शादी में ऐसे हालात पैदा हो गए थे कि मेरे पिता बीमार होकर अस्पताल में भर्ती थे, मगर एक नारी शक्ति को उस दिन मैंने अपनी मां के रूप में महसूस किया। पिता की बीमारी के कारण मैं शादी पोस्टपोन करना चाहती थी। मगर मां ने समझाया कि अगर मैंने शादी आगे बढ़ा दी, तो पिताजी को अच्छा नहीं लगेगा। उन्होंने कहा कि मैं कन्यादान करूंगी। मेरे ससुराल वाले भी शादी को आगे बढ़ाने को तैयार हो गए थे, मगर मां ने हिम्मत नहीं हारी। मुझे उस दिन महसूस हुआ कि जब जरूरत पड़ती है, तब घर की औरतें ही कमान संभालती हैं।
मेरी मां बहुत सशक्त महिला हैं। मेरी शादी में ऐसे हालात पैदा हो गए थे कि मेरे पिता बीमार होकर अस्पताल में भर्ती थे, मगर एक नारी शक्ति को उस दिन मैंने अपनी मां के रूप में महसूस किया। पिता की बीमारी के कारण मैं शादी पोस्टपोन करना चाहती थी। मगर मां ने समझाया कि अगर मैंने शादी आगे बढ़ा दी, तो पिताजी को अच्छा नहीं लगेगा। उन्होंने कहा कि मैं कन्यादान करूंगी। मेरे ससुराल वाले भी शादी को आगे बढ़ाने को तैयार हो गए थे, मगर मां ने हिम्मत नहीं हारी। मुझे उस दिन महसूस हुआ कि जब जरूरत पड़ती है, तब घर की औरतें ही कमान संभालती हैं।
आप और आपकी बहनों शक्ति (डांसर-कोरियोग्राफर), मुक्ति (डांसर-अभिनेत्री) और कृति (आर्टिस्ट मैनेजर) अपने-अपने क्षेत्र में मुकाम बना चुकी हैं। आपके लिए वे किस तरह से सपोर्ट सिस्टम साबित हुईं?
जिस तरह का सपोर्ट सिस्टम मुझे अपनी बहनों और माता-पिता से मिला है, अगर वो न मिला होता, तो मैं आज वहां नहीं होती, जहां हूं। हालांकि आज शादी के बाद मेरे इन लॉज भी मुझे सपोर्ट करते हैं, मगर मेरे होने में परिवार का बहुत बड़ा हाथ रहा है। हमारे लिए परिवार का भावनात्मक संबल बहुत जरूरी होता है, वरना हम कमजोर पड़ जाते हैं। मेरा बेटा अभी छोटा है, तो मुझे टाइम भी बहुत मैनेज करना पड़ता है। जिस दिन मेरा शूट होता है, उस दिन मेरी बहनें आ जाती हैं, वे मेरे बेटे के साथ समय बिताती हैं, ताकि उसे मेरी कमी न खले।
जिस तरह का सपोर्ट सिस्टम मुझे अपनी बहनों और माता-पिता से मिला है, अगर वो न मिला होता, तो मैं आज वहां नहीं होती, जहां हूं। हालांकि आज शादी के बाद मेरे इन लॉज भी मुझे सपोर्ट करते हैं, मगर मेरे होने में परिवार का बहुत बड़ा हाथ रहा है। हमारे लिए परिवार का भावनात्मक संबल बहुत जरूरी होता है, वरना हम कमजोर पड़ जाते हैं। मेरा बेटा अभी छोटा है, तो मुझे टाइम भी बहुत मैनेज करना पड़ता है। जिस दिन मेरा शूट होता है, उस दिन मेरी बहनें आ जाती हैं, वे मेरे बेटे के साथ समय बिताती हैं, ताकि उसे मेरी कमी न खले।
एक कलाकार होने के नाते हम लोगों को रोज ही इस सिचुएशन से गुजरना पड़ता है। खास तौर पर मेरा बेटा आर्यवीर जब काम पर जाते हुए मुझसे कहता है, मम्मा मत जाओ, उस वक्त घर से निकलना मुश्किल हो जाता है, दिल भर आता है। मगर आपको काम पर जाना ही पड़ता है। कई बार ऐसा भी होता है कि लगता है, गला खराब है, मैं गा ही नहीं पाऊंगी, कैसे होगा शो! मगर फिर हमारे दर्शक हमें ताकत देते हैं। इसी जज्बे से आगे बढ़ना पड़ता है कि शो मस्ट गो ऑन।
आपके करियर के ऐसे गानों के बारे में बताएं, जो बहुत आसानी से बन गया हो और एक ऐसा जिसमें काफी समय लगा हो?
मुझे याद है, जब तक है जान के लिए जब मैंने 'जिया रे' रिकॉर्ड किया था, उस वक्त ए आर रहमान सर, यश चोपड़ा साहब और गुलजार साहब भी थे। उस गाने की रिकॉर्डिंग में महज एक घंटे का समय लगा था। जब मैं स्टूडियो से बाहर आई, तो मुझे लगा कि शायद कुछ गड़बड़ हो गई, इसीलिए इतनी जल्दी हो गया, शायद ये गाना अप्रूव न हो। मगर वो गाना सभी को बहुत पसंद आया और जब वो रिलीज हुआ, तब भी उसने एक मैजिक क्रिएट कर दिया था। मुझे वो हमेशा याद रहेगा। गदर 2 में एक गाना है, 'चल तेरे इश्क में', उस गाने के लिए हमने बहुत समय लिया। संगीतकार मिथुन ने काफी रिहर्सल करके इस गाने की रिकॉर्डिंग की थी। आज बहुत खुश हूं कि फिल्म सुपर हिट हो चुकी है और गाना पसंद किया जा रहा है। यकीन ही नहीं हो रहा कि फिल्म इस कदर गदर मचा रही है।











