शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान से जुड़े ड्रग्स केस में एनसीबी (Narcotics Control Bureau) ऑफिसर समीर वानखेड़े इस वक्त रिश्वतखोरी का आरोप झेल रहे हैं। पूर्व इंटेलिजेंस ऑफिसर ने कुछ ऐसी जानकारियां दी हैं जो इस बात की ओर इशारा करता है कि ड्रग्स केस को सेटअप किया गया था।
CBI से NCB अधिकारी ने कहा- आर्यन खान को अरेस्ट करने के लिए ही किरण गोसावी को लाए थे समीर वानखेड़े, सब था तय
शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान के कथित ड्रग्स मामले की जांच के दौरान एक सेल्फी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई थी, जिसमें किरण गोसावी नाम का एक शख्स एक्टर के बेटे के साथ नजर आ रहा था। अब रिश्वत मामले में आरोपी पूर्व इंटेलिजेंस ऑफिसर आशीष रंजन ने किरण गोसावी को लेकर ही कुछ नई जानकारियां दी हैं। उन्होंने कहा है कि किरण को इस केस में एनसीबी के अधिकारी रहे समीर वानखेड़े के अप्रूवल के बाद शामिल किया गया था। अब ये बातें वानखेड़े के उस बयान के साफ उलट साबित हो रही हैं जिसमें उन्होंने कहा था कि गोसावी से उनकी पहचान ड्रग्स केस के भंडाफोड़ वाले दिन हुई थी। मामले की आंतरिक जांच के दौरान इसमें कई खामियां नजर आ रही हैं।
ये आरोप वानखेड़े के दिए बयान के ठीक उलट हैं, जिसमें उन्होंने कहा था कि वे ड्रग्स केस के भंडाफोड़ वाले दिन ही उनकी पहचान गोसावी, सैल और भानुशाली से हुई थी। एक केस में रिश्वत मामले की आंतरिक जांच के लिए बनी SIT ने पाया है कि केस से जुड़ी कई खामियां हैं। यहां तक कि शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान को कस्टडी में लेने की बात ये साबित करती है कि इस भंडाफोड़ के साथ समझौता किया गया था और इसे जानबूझकर तैयार किया गया था।
आंतरिक जांच के बाद आर्यन के खिलाफ एनसीबी ने इस केस को रद्द किया और सबूतों की कमी की वजह से कोर्ट की तरफ से उन्हें क्लीन चिट दे दिया गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, आर्यन की एक ऑडियो रिकॉर्डिंग भी गोसावी ने सर्कुलेट की थी और ये भी जांच प्रक्रिया की खामियों को दर्शाती है। एनसीबी ऑफिस से आरोपी के साथ गवाह की सेल्फी सोशल मीडिया पर वायरल होना अपने आपमें एक बड़ा सवाल खड़ा करता है।











