74 साल पहले नौशाद ने छेड़ी थी अकॉर्डियन की धुन, जानिए क्‍यों हर फिल्‍म में इसे सीने से च‍िपकाए रखते थे राज कपूर

74 साल पहले नौशाद ने छेड़ी थी अकॉर्डियन की धुन, जानिए क्‍यों हर फिल्‍म में इसे सीने से च‍िपकाए रखते थे राज कपूर
भारतीय सिनेमा संगीत के बिना अधूरी है। हमारी फिल्‍मों में गीत और संगीत का इस्‍तेमाल दुनिया के किसी भी देश से अध‍िक होता है। वक्‍त के साथ जैसे-जैसे हिंदुस्‍तान का सिनेमा बड़ा हुआ, इसमें दुनिया के तमाम हिस्‍सों में बने अलग-अलग वाद्य यंत्रों का भी इस्‍तेमाल बढ़ा। ऐसा ही एक म्‍यूजिकल इंस्‍ट्रूमेंट है अकॉर्डियन, जिसे हिंदी सिनेमा में लाने का श्रेय संगीतकार नौशाद को जाता है। साल 1950 में पहली बाद उन्‍होंने ही फिल्‍म 'दास्‍तान' के गाने 'ता रा री ता रा री' में इसका इस्‍तेमाल किया था। मोहम्‍मद रफी और सुरैया ने इस गीत को गाया था। बोल शकील बदायूं ने लिखे थे और गुडी सिरवई ने अकॉर्डियन बजाया था।
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