भोपाल । आज़ भोपाल स्थित निजी होटल मे प्रेस वार्ता हुईं । इस वार्ता में राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय कुमार को संबोधित करते हुए मीडिया को बताया कि पुरानी पेंशन बहाली राष्ट्रीय आंदोलन {National Movement For Old Pension Scheme (NMOPS)} के राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय कुमार "बन्धु" के नेतृत्व में देश के 85 लाख कर्मचारियों द्वारा देशभर में पुरानी पेंशन बहाली हेतु चलाया जाने वाला एक राष्ट्रीय आंदोलन है, जो अलग अलग राज्यों में राज्य इकाइयों द्वारा व राष्ट्रीय स्तर पर राष्ट्रीय टीम द्वारा पूरे देश में एक साथ चलाया जा रहा है। देश के शिक्षक, कर्मचारी,अधिकारी इतिहास का ये सबसे बड़ा आंदोलन है, जिससे लाखों करोड़ों लोग व उनके परिवार नाते रिश्तेदार प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से इस आन्दोलन से जुड़े हुए है।
ज्ञातव्य-हो कि मध्यप्रदेश सरकार ने सन् 2005 से पुरानी पेंशन बहाली बंद कर नेशनल पेंशन स्कीम लागू की है जो शेयर बाजार आधारित है,सेवानिवृत्ति पर NPS धारी शिक्षक,कर्मचारी अधिकारी को नाममात्र की पेंशन मिलती है,जिसके परिवार के प्रतिपाल की आर्थिक,सामाजिक विकराल समस्या उत्पन्न हो रही है।
मध्यप्रदेश शिक्षक कर्मचारी अधिकारी की एकमात्र मांग है कि प्रथम दिनांक से सेवा अवधि की गणना के साथ वरिष्ठता एवं पुरानी पेंशन बहाल की जाये।
अभी हाल ही में 1अक्टूबर 2023 को देश की राजधानी नई दिल्ली के रामलीला मैदान में विजय कुमार *"बन्धु"* के नेतृत्व में देशभर के लाखो -लाख शिक्षको,कर्मचारियों, अधिकारियों ने कर्मचारी जगत का आज तक का सबसे बड़ा प्रदर्शन कर पुरानी पेंशन बहाली की दिशा में एक मजबूत कदम बढ़ाया है और देश की हुकूमत के सामने "OPS" बहाली की अपनी मांग को मुखरता से रखा है।
अब तक इस आंदोलन ने बड़ी सफलताएं अर्जित की है और धीरे धीरे राज्य दर राज्य NPS मुक्त भारत की दिशा में आगे बढ़ रहे है, न केवल संख्याबल के प्रदर्शन बल्कि ये आंदोलन अनेक युक्तियों का प्रयोग करते हुए अपने चरम लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
NMOPS के राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय कुमार *"बन्धु"* ने प्रेस वार्ता को सम्बोधित करते हुए बताया कि NMOPS के अथक प्रयास से ही अब तक भारत के 4 राज्य राजस्थान, छत्तीसगढ़, झारखंड, हिमाचल प्रदेश पुनः पुरानी पेंशन (OPS) बहाल कर चुके है और कई राज्य सरकारें गंभीरता से इस दिशा में विचार कर रही है।
मध्यप्रदेश में भी 2017 से ही शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक तरीके से लाखों लाख शिक्षकों, कर्मचारियों,अधिकारियों की भागीदारी के साथ हजारों कार्यक्रम हुए हैं, जहां मध्यप्रदेश में 8.5 लाख पेंशन विहीन शिक्षक कर्मचारी अधिकारी है वही कर्मचारियों की परिजनों की संख्या मतदाता के रूप में 40 से 50 लाख पहुंच जाती है, जो हर विधानसभा में 20 से 25 हज़ार मतदाता के रूप में अपने अधिकार का प्रयोग करती है।
एक वोट की शक्ति,मेरा वोट मेरा भविष्य
"My vote is my future pawar of one vote"
इस आंदोलन का चरम लक्ष्य पूरे भारत को NPS से मुक्ति दिलाना है और जहां OPS बहाल हुई है, उसकी सुरक्षा करना है। NMOPS हर संभव वे सभी प्रयास करेगा जिससे हमारी OPS सुरक्षित हो सके। हम ये बखूबी जानते है कि देश में कुछ ऐसी पूंजीवादी ताकतें है, जो OPS का विरोध कर रही है, इस राष्ट्रीय आंदोलन ने इसी अनुरूप अपनी रणनीति बनाई है,हम लोकतंत्र के सबसे बड़े उत्सव चुनाव में भी कर्मचारी मतदाताओं को जागरूक कर रहे है और उनसे अपने मुद्दे के लिए 100% मतदान की अपील कर रहे है।हमारा कोई पार्टी और पक्ष नहीं है लेकिन पुरानी पेंशन(OPS) हमारा मुद्दा है और मुद्दे पर आधारित अपना मत प्रकट करने की अपील कर रहे है।
हमारे देश की लोकतांत्रिक प्रणाली तभी मजबूत होगी जब मतदाता जाति, धर्म व संप्रदाय से ऊपर उठकर मुद्दों पर आधारित मत प्रकट करें।
इस देश में किसान,मजदूर, बेरोजगार तथा महिला,पुरुष सबके अपने मुद्दे है तो कर्मचारी वर्ग का अपना मुद्दा क्यों न हो, अगर हम चुनाव में अपनी मांग नहीं दोहरा पाएं तो कब अपनी मांग को रख पाएंगें,शिक्षक, कर्मचारी,अधिकारी मजबूती से अपने मुद्दे के साथ खड़ा है। OPS ही हमारी मुद्दा है,शिक्षक,कर्मचारी अधिकारी अपनी मांग के पक्ष में खड़ा है जो हमारे मुद्दे के साथ है, हम उनके साथ है।
हमारा एक स्लोगन है, यही हमारा ध्येय वाक्य है......
#voteforOPS
इसके अलावा विजय *बन्धु* ने देश के अर्द्धसैनिक बलों की पुरानी पेंशन बहाल न किये जाने पर कहा कि देश के अर्द्धसैनिकों को पेंशन न देना कौन सा राष्ट्रवाद है।
हम सशक्त लोकतंत्र के लिए मतदान करने की अपील करते हैं तथा प्रभावशाली प्रतिनिधित्व का चुनाव करें समावेशी विकास और स्वयं व परिवार के बेहतर भविष्य के लिए एवं प्रदेश के विकास हेतु अधिक से अधिक अपने मुद्दे पर वोट करें,मेरा वोट मेरा भविष्य के लिए शत प्रतिशत मतदान करें। लोकतंत्र को मजबूत करें।
NMOPS के संरक्षक डी0एन0सिंह ने कहा कि मध्यप्रदेश में 8.5 लाख से अधिक कर्मचारी व शिक्षक है। अगर माना जाए तो 8.5 लाख कर्मचारी के ऊपर परिवार के 5 लोग आश्रित है तो इस प्रकार 45 से 50 लाख वोट को डलवाने की ताकत कर्मचारियों में है। हम वोट की शक्ति का इस्तेमाल निश्चित रूप से करेंगे। इसीलिए पुरानी पेंशन का मुद्दा चुनाव का टर्निंग पॉइंट हो सकता है। केंद्र सरकार एन पी एस मे कुछ संशोधन करके कर्मचारियों को गुमराह करना चाहती है, नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम का आंदोलन पुरानी पेंशन बहाली के लिए है, पुरानी पेंशन बहाल होने तक जारी रहेगा.
डॉ0 कमल उसरी ने कहा कि निजीकरण इस देश के निम्न व मध्यम वर्ग के लिये अभिशाप है। निजीकरण से शोषण को बढ़ावा मिल रहा है।
प्रेस वार्ता में डी0एन0 सिंह, डा० कमल उसरी सहित कई पदाधिकारी उपस्थित रहे ।











