रघु राम ने कहा, 'मुझे अपनी कही बात पर कोई शर्म नहीं है। मैं चाहता हूं कि वह यह जाने। दरअसल, मैंने एक किताब भी लिखी है, जिसकी भाषा बहुत रंगीन है। मैं चाहता हूं कि वह उसे पढ़े। मैं चाहता हूं कि वह समझे कि धूम्रपान, शराब और सेक्स की तरह, भाषा और आप किस तरह के शब्दों का इस्तेमाल करते हैं, यह भी एक चुनाव है। मैंने यह अपने पिता से नहीं सीखा। दुनिया उसे सिखाएगी। वह अपनी भाषा खुद चुनेगा। यह मुझसे नहीं आएगी।'
'मेरा बेटा धार्मिक न बने', खुद नास्तिक हैं रघु राम, कहा- वो बड़ा होकर शराब, सिगरेट और भाषा समझे, मुझे शर्म नहीं
'रोडीज' के एक्स जज रघु राम का दावा है कि उन्हें रियलिटी शो में सालों तक चिल्लाने और गालियां देने पर कोई शर्म नहीं है। अब जब वह पांच साल के रिदम के पिता हैं, तो वह मानते हैं कि जब उनका बेटा रोडीज देखेगा तो अपने पिता के बारे में क्या सोचेगा, उन्होंने इस बारे में बात की है। वह उसे अपने विचार और नजरिया खुद बनाने देंगे- सिर्फ एक ही फर्क है कि वह नहीं चाहेंगे कि वह धार्मिक हो।
रघु राम ने कहा, 'मुझे अपनी कही बात पर कोई शर्म नहीं है। मैं चाहता हूं कि वह यह जाने। दरअसल, मैंने एक किताब भी लिखी है, जिसकी भाषा बहुत रंगीन है। मैं चाहता हूं कि वह उसे पढ़े। मैं चाहता हूं कि वह समझे कि धूम्रपान, शराब और सेक्स की तरह, भाषा और आप किस तरह के शब्दों का इस्तेमाल करते हैं, यह भी एक चुनाव है। मैंने यह अपने पिता से नहीं सीखा। दुनिया उसे सिखाएगी। वह अपनी भाषा खुद चुनेगा। यह मुझसे नहीं आएगी।'
रघु राम ने कहा, 'मुझे अपनी कही बात पर कोई शर्म नहीं है। मैं चाहता हूं कि वह यह जाने। दरअसल, मैंने एक किताब भी लिखी है, जिसकी भाषा बहुत रंगीन है। मैं चाहता हूं कि वह उसे पढ़े। मैं चाहता हूं कि वह समझे कि धूम्रपान, शराब और सेक्स की तरह, भाषा और आप किस तरह के शब्दों का इस्तेमाल करते हैं, यह भी एक चुनाव है। मैंने यह अपने पिता से नहीं सीखा। दुनिया उसे सिखाएगी। वह अपनी भाषा खुद चुनेगा। यह मुझसे नहीं आएगी।'











