नगर निगम उपायुक्त को 50 लाख रुपये तक के वित्तीय अधिकार, लेकिन नहीं मिल रही स्वीकृति

नगर निगम उपायुक्त को 50 लाख रुपये तक के वित्तीय अधिकार, लेकिन नहीं मिल रही स्वीकृति
भोपाल। नगर निगम में त्वरित कार्यों का शुभारंभ और इनके भुगतान के लिए अधिकारियों को वित्तीय अधिकार तो दिए गए हैं, लेकिन स्वीकृत नहीं मिलने से बिजली, पानी व सड़क समेत अन्य विकास कार्यों पर विपरीत असर पड़ रहा है। महज पांच हजार रुपये के भुगतान के लिए भी फाइलें आयुक्त के पास भेजी जा रही है, जिससे कई काम रुके हुए हैं।
बता दें कि नगर निगम में असिस्टेंड इंजीनियर को दो लाख रुपये, उपायुक्त को पांच लाख रुपये और अपर आयुक्त को 50 लाख रुपये तक के कार्यों को स्वीकृति देने और भुगतान करने का अधिकार दिए गए हैं, लेकिन हालत यह है कि चाय-नाश्ते के खर्च के लिए भी आयुक्त से स्वीकृत लेनी पड़ रही है। जबकि व्यवस्थाओं को सुचारु रुप से संचालित करने के लिए वित्तीय अधिकारों का विकेंद्रीकरण किया गया था, जिससे जनता के जुड़े कार्यों को समय पर मंजूरी दी जा सके, लेकिन अब मुख्यालय में फाइलें जाने से कई महत्वपूर्ण कार्य लंबित हो रहे हैं।

ठेकेदार भी काम पूरा करने में नहीं ले रहे रुचि

नगर निगम में आयुक्त के पास फाइल पहुंचने के बाद लंबे समय तक वहीं पड़ी रहती है। क्योंकि अब एक रुपये से लेकर 50 लाख रुपये तक की फाइलों की स्वीकृत आयुक्त के हस्ताक्षर के बाद ही मिलती है। इससे ठेकेदारों को लंबित भुगतान के लिए दो से तीन माह का इंतजार करना पड़ता है। ऐसे में ठेकेदार भी काम पूरा करने में रुचि नहीं दिखा रहे, जिससे सड़क, सफाई, जलकार्य, बिजली, उद्यान और ट्रांसपोर्ट समेत अन्य विभागों में कार्यों की पेंडेंसी बढ़ रही है।

आयुक्त के पास पहुंच रही 250 से 300 फाइलें

एई, डीसी और एडीसी पहले जिन फाइलों को स्वीकृत देते थे, अब वो सीधे आयुक्त के पास पहुंच रही हैं। इससे मुख्यालय में कई दिनों तक ये फाइलें लंबित रहती हैं। जानकारी के अनुसार स्वीकृत के लिए प्रतिदिन आयुक्त के पास 60 से 70 फाइलें, जबकि भुगतान के लिए 150 से 200 फाइलें पहुंच रही हैं।

इनका कहना

नगर निगम में अधिकारियों को जो भी वित्तीय अधिकार दिए गए हैं, उनका पालन हो रहा है। यदि इसमें कोई कमी होगी, तो उसका निरीक्षण करने के बाद ही स्वीकृति दी जाती है।

                                                                                        - नोबल फ्रैंक ए, आयुक्त, भोपाल नगर निगम
Advertisement