हालांकि अचानक लिए गए इस फैसले पर सवाल उठने लगे हैं। गौरतलब है कि नागरिक सुविधा केंद्रों के संबंध में टीम एक्टिविस्ट के नितिन सक्सेना ने सन् 2020 में निगम को इनकी अनुपयोगिता के संबंध में जागरूक किया था। इनके इस सुझाव पर अमल किए जाने पर टीम एक्टिविस्ट ने निगमायुक्त हरेंद्र नारायन का आभार व्यक्त किया है।
साल 2011-12 में खुला था पहला नागरिक सुविधा केंद्र
नागरिक सुविधा केंद्र की शुरुआत साल 2011-12 में हुई। पहले दौर में चार सुविधा केंद्र खोले गए। बाद में इनकी संख्या बढ़कर 10 हो गई। जिन दस नागरिक सुविधा केंद्रों को बंद करने का आदेश जारी किया गया है उनमें प्रापर्टी टैक्स, किराया, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र सहित अन्य निगम सुविधा से जुड़े कामकाज होते थे। अब यह सभी कार्य वार्ड और जोन स्तर पर हो रहे हैं।











