मनी कंट्रोल की एक रिपोर्ट के मुताबिक 154 साल पुराने मुंबई पोर्ट की ओनर है और उसे चलाने वाली संस्था मुंबई पोर्ट अथॉरिटी ने IHCL को टॉप डिफॉल्टर बताया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि कोलाबा में मशहूर ताज महल पैलेस अथॉरिटी से लीज पर ली गई जमीन पर बना है। इसकी ओरिजिनल लीज 2001 में खत्म हो गई थी। तब से IHCL और अथॉरिटी के बीच लीज रिन्यूअल और किराए में बदलाव को लेकर बातचीत चल रही है।
कंपनी का रिजल्ट
CareEdge Ratings की एक रिपोर्ट के मुताबिक मार्च 2025 तक IHCL के खिलाफ अथॉरिटी के कुल दावे 1,874 करोड़ रुपये तक पहुंच गए थे। हालांकि टाटा ग्रुप की कंपनी का कहना है कि उसकी देनदारी 163 करोड़ रुपये से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। अथॉरिटी ने उन आठ ऐसे डिफॉल्टर्स की लिस्ट जारी की है जिन पर करीब 3,500 करोड़ रुपये का किराया बकाया है।इस बीच IHCL के MD और CEO पुनीत चटवाल ने जून तिमाही के नतीजों की घोषणा करते हुए कहा कि कंपनी के लिए लगातार 17वीं सबसे अच्छी तिमाही रही। स्टैंडअलोन आधार पर कंपनी ने ₹1,298 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया। कंसोलिडेटेड आधार पर कंपनी के पास 30 जून, 2026 तक ₹4,439 करोड़ का ग्रॉस कैश था।
IHCL के शेयरों की चाल
आईएचसीएल का शेयर बीएसई पर पिछले सत्र में 732.60 रुपये पर बंद हुआ था और आज 736 रुपये पर खुला। शुरुआती कारोबार में यह 718.70 रुपये तक फिसला। इसका 52 हफ्ते का उच्चतम स्तर 811.90 रुपये है। पिछले साल 21 अगस्त को यह इस स्तर तक पहुंचा था। इस साल 2 अप्रैल को यह 565.25 रुपये तक गिर गया था जो इसका 52 हफ्ते का न्यूनतम स्तर है।
टाटा ग्रुप के 'ताज' को मुंबई पोर्ट अथॉरिटी ने बताया टॉप डिफॉल्टर, प्रॉफिट उछलने के बावजूद गिरा शेयर
नई दिल्ली: देश के सबसे बड़े औद्योगिक घराने टाटा ग्रुप की कंपनी इंडियन होटल्स कंपनी (IHCL) के शेयरों में आज शुरुआती कारोबार में करीब 2% गिरावट आई। बीएसई पर यह 718.70 रुपये तक फिसला। ताज होटल चेन चलाने वाली इस कंपनी का वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में नेट प्रॉफिट पिछले साल के मुकाबले 18.5% की बढ़ोतरी के साथ ₹390 करोड़ पहुंच गया। लेकिन इसके बावजूद आज कंपनी के शेयरों में गिरावट आई। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मुंबई पोर्ट को ऑपरेट करने वाली अथॉरिटी ने IHCL को टॉप डिफॉल्टर की लिस्ट में डाला है।











