EOW के सूत्रों के मुताबिक, यह मामला एक्सिस बैंक के उपाध्यक्ष प्रकाश प्रभाकर राव की शिकायत पर कफ परेड पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया है। शिकायतकर्ता राव ने इससे पहले इसी साल मार्च महीने में भी अनिल अंबानी से जुड़ी कंपनियों और उनके कई निदेशकों के खिलाफ एक और एफआईआर दर्ज कराई थी।
किन-किन के खिलाफ दर्ज हुआ केस?
- रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (RHFL) के तत्कालीन पूर्णकालिक निदेशक
- ADAG के भीतर लाभार्थी कंपनियों के तत्कालीन निदेशक
- अनिल अंबानी ग्रुप के संबंधित कंपनी अधिकारी
2010 से 2019 के बीच हुआ घोटाला
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह वित्तीय अपराध जनवरी 2010 से नवंबर 2019 के बीच अंजाम दिया गया। सूत्रों के अनुसार, आरोपियों ने कंपनी के तत्कालीन निदेशकों के साथ मिलकर बैंक को धोखा देने और उसे वित्तीय नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से एक आपराधिक साजिश रची।लोन हासिल करने के लिए आरोपियों ने फर्जी दस्तावेज जमा किए, गलत जानकारियां दीं और रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (RHFL) की वित्तीय स्थिति को लेकर भ्रामक खुलासे किए। जैसे ही लोन की रकम मिली, उसे ग्रुप से जुड़ी अन्य कंपनियों के खातों में डाइवर्ट कर दिया गया।











