देश का सबसे बड़ा IPO ला रहे मुकेश अंबानी, रिलायंस ने शुरू की तैयारी, 17 बैंकों से मिलाया हाथ

देश का सबसे बड़ा IPO ला रहे मुकेश अंबानी, रिलायंस ने शुरू की तैयारी, 17 बैंकों से मिलाया हाथ
नई दिल्ली: मुकेश अंबानी देश का सबसे बड़ा आईपीओ लाने की तैयारी में हैं। रिलायंस इंडस्ट्रीज की टेलीकॉम कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ के लिए ड्राफ्ट इसी महीने फाइल किया जा सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक आईपीओ के लिए जियो प्लेटफॉर्म्स की वैल्यू 170 अरब डॉलर आंकी जा सकती है। सेबी ने बड़ी कंपनियों के लिस्टिंग के नियमों में हाल में बदलाव किया है। इसके मुताबिक जियो कम से कम 2.5 फीसदी हिस्सेदारी बिक्री कर सकती है। इससे कंपनी 4.3 अरब डॉलर यानी 40,000 करोड़ रुपये जुटा सकती है। यह करीब दो दशक में रिलायंस का पहला बड़ा आईपीओ होगा।

ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि रिलायंस इसी महीने जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड के आईपीओ के लिए ड्राफ्ट फाइल कर सकती है। यह कंपनी की दिंसबर तिमाही के वित्तीय प्रदर्शन पर आधारित होगा। कंपनी ने इस इश्यू को हैंडल करने के लिए 17 बैंकरों को नियुक्त किया है। नौ विदेशी बैंकों मोर्गन स्टेनली, एचएसबीसी होल्डिंग्स पीएलसी, जेपी मोर्गन चेज एंड कंपनी, सिटीग्रुप इंक और गोल्डमैन सैश ग्रुप इंक को इसके लिए सलाहकार बनाया गया है।

नियमों में बदलाव

घरेलू सलाहकार बैंकों में कोटक महिंद्रा कैपिटल कंपनी, एक्सिस कैपिटल लिमिटेड, जेएम फाइनेंशियल लिमिटेज और एसबीआई कैपिटल मार्केट्स लिमिटेड शामिल हैं। सरकार ने हाल में बड़ी कंपनियों की लिस्टिंग से जुड़े नियमों को मंजूरी दी थी। सेबी ने पिछले साल सितंबर में नियमों में बदलाव का प्रस्ताव दिया था। इसमें 5 लाख करोड़ रुपये (57 अरब डॉलर) से अधिक मार्केट कैप वाली कंपनियों को आईपीओ के तहत न्यूनतम 2.5 फीसदी हिस्सेदारी बेचने की अनुमति दी गई है। पहले यह सीमा 5 फीसदी थी।जियो के आईपीओ में मौजूदा निवेशकों के शेयरों की बिक्री करने की उम्मीद है। मेटा प्लेटफॉर्म्स और अल्फाबेट इंक ने 2020 में जियो प्लेटफॉर्म्स में 10 अरब डॉलर से अधिक निवेश की घोषणा की थी। सूत्रों का कहना है कि इस इश्यू के साइज, स्ट्रक्चर और ट्रांजैक्शन टाइमिंग पर अभी बातचीत चल रही है और इनमें बदलाव किया जा सकता है। कंपनी और बैंकों के प्रतिनिधियों ने इस पर तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की।
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