ये परियोजनाएं शामिल
वर्तमान में 1778 मेगावॉट क्षमता की सौर ऊर्जा परियोजनाओं में 1500 मेगावॉट की आगर मालवा, शाजापुर और नीमच सोलर पार्क और 500 मेगावॉट की नीमच पार्क परियोजना शामिल हैं। भविष्य की परियोजनाओं में विश्व के सबसे बड़े ओंकारेश्वर जलाशय में 600 मेगावॉट फ्लोटिंग का सोलर पार्क शामिल है।
इससे साल के अंत तक पूरी तरह से उत्पादन शुरू हो जाएगा। इसके अलावा 3350 मेगावाट क्षमता की परियोजनाओं में 1400 मेगावाट की मुरैना और 450 मेगावाट की छतरपुर पार्क और बीरसिंहपुर जलाशय, इंदिरा सागर जलाशय और गांधी सागर जलाशय में 1500 मेगावॉट की फ्लोटिंग सोलर परियोजनाएं शामिल हैं।
अच्छी शुरूआत
मध्यप्रदेश विद्युत की कमी की स्थिति को समाप्त कर भरपूर बिजली उपलब्धता की स्थिति में आ गया है। अब सबके लिए ऊर्जा सुरक्षा की स्थिति हासिल करने का प्रयास कर रहा है।
मध्यप्रदेश ने व्यापक लोकहित में सोलर ऊर्जा के दोहन की अच्छी शुरुआत की है। थोड़े ही समय में, मध्यप्रदेश भारत के नवकरणीय ऊर्जा के नक्शे पर चमक रहा है। कई रिकॉर्ड बने हैं और अब इतिहास बन रहा है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की सुस्पष्ट नीतियों और मजबूत नेतृत्व के साथ मध्य प्रदेश भारत की नवकरणीय ऊर्जा का मुख्य केंद्र बनने की ओर कदम बढ़ा रहा है।
भविष्य के लिए ऊर्जा सबकी चिंता है। मानव संसाधन और उद्योगों के लिए ऊर्जा की मांग को पूरा करने की वैश्विक चुनौती है। इसलिए हरित ऊर्जा का संरक्षण करते हुए उपयोग करना एकमात्र समाधान है।











