भोपाल। नवरात्र पर्व संपन्न होने के बाद बुधवार को शहर के विसर्जन घाटों पर मातारानी की प्रतिमाओं को विसर्जित करने पहुंचे श्रद्धालुओं का मेला सा दिखा। चल समारोह के रूप में बड़ी संख्या में मां दुर्गा की मूर्तियां प्रेमपुरा, खटलापुरा, कमलापति, हथाईखेड़ा, सीहोर नाका विसर्जन घाटों पर चल समारोह के रूप में पहुंचीं। विधि-विधान से मां दुर्गा की पूजा करके विसर्जित किया गया। श्रद्धालु डीजे व ढोल की थाप पर नृत्य करते नजर आए। इस दौरान जय अंबे गौरी के जयकारे भी गूंजते रहे।
चल समारोह में शामिल हुई बड़ी झांकियां
इधर, पुराने शहर में चल समारोह निकाला गया। इसमें 27 बड़ी झांकियां शामिल हुईं। झिलमिल झांकियों ने लोगों का मन मोह लिया। देर रात शुरू हुए चल समारोह को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग मार्ग के इर्द-गिर्द मौजूद रहे।
मां दुर्गा की मूर्तियां ट्रैक्टर-ट्राली में सवार होकर निकलीं
शहर के विसर्जन घाटों पर बुधवार देर रात तक मातारानी की मूर्तियों के विसर्जन का सिलसिला चलता रहा। बुधवार रात तक 1500 मां दुर्गा की मूर्तियों विसर्जन हो चुका था। चल समारोह की झांकियों में आईं मूर्तियां अलग हैं। घाटों पर मूर्तियों का सुरक्षित विसर्जन कराने 150 से अधिक गोताखोरों को आठ-आठ घंटे की शिफ्ट में नियुक्त किया हुआ है। ये जलकुंड से 20 फीट पहले ही प्रतिमाएं लेकर उसे विसर्जित कर देते हैं।











