धर्म के नाम पर सबसे ज्यादा टोटके कार्यक्रम आराधना विश्वास अंधविश्वास दिखावा आदि यह सब भारत में *ऐसा क्यों*

धर्म के नाम पर सबसे ज्यादा टोटके कार्यक्रम आराधना विश्वास अंधविश्वास दिखावा आदि यह सब भारत में   *ऐसा क्यों*
भारत की गिनती उन देशों में है जिसमें धर्म के नाम पर बहुत ज्यादा टोटके कार्यक्रम आराधना विश्वास अंधविश्वास दिखावा धर्म सभाएं और कथा वाचन आदि कई आयोजन होते रहते हैं। *धर्म के नाम पर एक-दो दिन नहीं अब तो बल्कि कई बार महीना कार्यक्रम चलते हैं* त्याग तपस्या भोजन लंगर भंडारे धार्मिक यात्रा कावड़ यात्रा गणेश चतुर्थी पर्व दुर्गा नवमी पर्व पर्यूषण पर्व चौमासा प्रवचन नर्मदा पूजा गंगा पूजा कुम्भ सिहस्थ मोहर्रम प्रकाश पर्व सैय्यदनाजी का आगमन कृष्ण जयंती राम जयंती हनुमान जयंती क्रिसमस ईद बकरा ईद और ऐसे अनेक कार्यक्रम जिसमें साथ सजावट डेकोरेशन हिंदुस्तान में आए दिन होते हैं कई बार सरकार द्वारा इन अवसरों पर छुट्टी अभी रखी जाती है। लाखो टन फुल गुलाल आए दिन होने वाले *भंडारे और प्रसाद के कार्यक्रम में जाने कितना झूठा खाना जाता होगा* धार्मिक आयोजन में कई जगह टीका लगाने से लेकर दरगाह में चादर के नीचे सर रखने तक में रुपए लग जाते हैं। *धर्म के नाम पर जाने कितना रुपया कई लोगों की जेब में जाता होगा* और कई जगह तो परमेश्वर दर्शन के भी शुल्क लगते हैं। सड़क किनारे भेरू मंदिर व दरगाह हजारों लाखों की तादात में दिख जाएगी। *जबकि कहा यह जाता है कि कण-कण में भगवान है।* हमारी आत्मा ही परमात्मा है, सच्चा धर्म इंसानियत और मानव सेवा का यदि सभी सीखे होते और बिना वजह का व्यस्त फालतू बेवजह फिजूल खर्च किसी भी धार्मिक आयोजन के नाम पर नहीं होता तो आप सोचे की कितनी बड़ी बचत जनता की होती है।
 *जागो मेरे भाई भगवान आपके हृदय में है आपके काम में इंसानियत और धर्म है,* दिखावे और ढोंग से दूर रहें और जो भी धर्म समाज प्रमुख या कई जगह धर्मगुरु ऐसा कुछ करते हैं तो उनसे दूर रहें।
अशोक मेहता, इंदौर (लेखक, पत्रकार, पर्यावरणविद्)
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